बांदा जेल में बंद बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी ने जेल में अपनी हत्या की आशंका जताई है। उन्होंने स्पेशल कोर्ट एमपीएमएलए में अर्जी देकर कहा है कि उनके ऊपर जेल में हमला कर हत्या की जा सकती है। मुख्तार ने एसटीएफ और अन्य पर हत्या कराए जाने के षडयंत्र का आरोप लगाया है। कोर्ट ने अर्जी पर सुनवाई के बाद पुलिस प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को अभियुक्त को समुचित सुरक्षा देने का निर्देश दिया है। यह आदेश स्पेशल कोर्ट के जज पवन कुमार तिवारी ने एसपीओ हरिओंकार सिंह, राधेकृष्ण मिश्र, लाल चन्दन और एडीजीसी राजेश गुप्ता को सुनकर दिया है।
मुख्तार अंसारी ने कोर्ट में दी गई अर्जी में कहा है कि एसटीएफ उसकी हत्या कराने का षड्यंत्र रच रही है। जेल में जानलेवा हमला कर हत्या की जा सकती है। अंसारी ने अपनी पेशी वीडियो कांफ्रेंसिंग से कराए जाने की मांग की है। अंसारी ने माफिया डान बृजेश सिंह, एसटीएफ के अभिताभ यश और सांसद रेल मंत्री मनोज सिन्हा पर हत्या का षडयंत्र रचने का आरोप लगाया है।
अभियोजन ने अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि अंसारी का यह आरोप कि कोर्ट में उसकी तलबी एसटीएफ के आदेश से हो रही है। यह आरोप निराधार और विधिक प्रक्रिया के अनुरूप नहीं है। अर्जी में प्रयुक्त शब्द अवमाननापूर्ण हैं। अभियोजन का कहना था कि अभियुक्त को तलब कर पूछा जाना आवश्यक है कि अर्जी में लिखे शब्द उसके हैं या अधिवक्ता द्वारा कल्पना के आधार पर लिखे गए है। कोर्ट ने सुनवाई के बाद संबंधित पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वह अभियुक्त को समुचित सुरक्षा दें। हालांकि कोर्ट ने मुख्तार को तलबी से छूट नहीं दी है।
भाजपा विधायक पूरन प्रकाश की जमानत मंजूर
मथुरा के बलदेव से विधायक पूरन प्रकाश ने आचार संहिता उल्लंघन के लंबित मुकदमे में स्पेशल कोर्ट एमपीएमएलए में सरेंडर किया और अपनी जमानत अर्जी पेश की। कोर्ट ने सुनवाई के बाद जमानत मंजूर कर ली और जमानतें दाखिल करने पर रिहा कर दिया है। यह आदेश स्पेशल कोर्ट के जज पवन कुमार तिवारी ने दिया है।
घटना 31 जनवरी 2017 की मथुरा के बलदेव थाने की है। प्रभारी अधिकारी संदीप सिंह ने भाजपा प्रत्याशी और अन्य के खिलाफ आचार संहिता की धारा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप है कि भाजपा चुनाव कार्यालय में 60 और रालोद कार्यालय में तीन सौ लोगों का खाना बनाया जा रहा था।