प्रयागराज शहर उत्तरी के भाजपा विधायक हर्षवर्धन बाजपेयी ने कहा कि जो लोग पीढ़ियों से लीज की नजूल की भूमि पर रह रहे हैं, लीज पूरा होने पर उनके लीज का भी नवीनीकरण होना चाहिए। विधायक ने प्रयागराज के सागर पेशा इलाके में लीज की भूमि पर रह रहे हजारों परिवारों का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि विधेयक न्यायसंगत नहीं है। हजारों परिवार बेघर हो जाएंगे। पार्टी का शीर्ष नेतृत्व भी कहता है कि संपत्ति का अधिकार स्पष्ट होना चाहिए।
विधानसभा में बुधवार को विपक्ष के विरोध प्रदर्शन के बीच उत्तर प्रदेश नजूल संपत्ति (लोक प्रयोजनार्थ प्रबंध और उपयोग) विधेयक-2024 भले ही पारित हो गया। लेकिन इस विधेयक के नियमों पर सत्ताधारी पार्टी के विधायक हर्षवर्धन बाजपेयी ने बड़ी ही दमदारी से अपनी बात रखी। सत्ता पक्ष में होने के बावजूद उन्होंने इस विधेयक के कुछ नियमों पर एतराज जताया। साथ ही इसमें संशोधन के लिए कुछ सुझाव भी दिए। हर्ष ने कहा कि अगर संशोधन नहीं हुआ तो सैकड़ों गरीब बेघर हो जाएंगे।
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उन्होंने सुझाव दिया कि अधिनियम सरकार विकास के लिए ला रही है। कहा कि जो लोग पीढ़ियों से लीज की नजूल की भूमि पर रह रहे हैं, लीज पूरा होने पर उनके लीज का भी नवीनीकरण होना चाहिए। विधायक ने प्रयागराज के सागर पेशा इलाके में लीज की भूमि पर रह रहे हजारों परिवारों का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि विधेयक न्यायसंगत नहीं है। हजारों परिवार बेघर हो जाएंगे। पार्टी का शीर्ष नेतृत्व भी कहता है कि संपत्ति का अधिकार स्पष्ट होना चाहिए।
गरीबों के पास नजूल की जमीन को फ्रीहोल्ड कराने का अधिकार होना चाहिए। कहा कि जहां पीएम योजना के तहत हम लोगों को घर दे रहे हैं, वहीं इस कानून से हम घर छीनने का काम करेंगे। प्रयागराज में जमीन बहुत महंगी है। आखिर ये गरीब कहां जाएंगे। कहा कि क्षेत्र में तमाम लोग मुझसे पूछते हैं कि सरकार आखिर हमारी 50 गज या 100 गज की जमीन लेकर क्या करेगी।
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हालांकि बाद में संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने आश्वासन दिया कि गरीबों से जमीनें खाली कराने का प्रावधान नहीं किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन लोगों ने लीज का पैसा समय से जमा किया है, उनकी लीज का नवीनीकरण 30 साल के लिए किया जाएगा। लीज शर्तों का उल्लंघन नहीं करने वालों के लीज का समय समाप्त होने पर 30 साल के लिए फिर से नवीनीकरण किया जाएगा।