इलाहाबाद (ब्यूरो)। हाईकोर्ट ने कहा है कि अल्पसंख्यक कालेजों से बीटीसी का प्रशिक्षण लेने वाले छात्र आरक्षण पाने के हकदार नहीं है। उनको इस आधार पर आरक्षण नहीं दिया जा सकता है कि उन्होंने अल्पसंख्यक संस्था से प्रशिक्षण प्राप्त किया है। आरक्षण कानून और भारत के संविधान में अल्पसंख्यक संस्था के छात्रों को आरक्षण देने का कोई प्रावधान नहीं है इसलिए ऐसी मांग करना असंवैधानिक है।
राहुल यादव और अन्य की याचिका पर न्यायमूर्ति अरुण टंडन और न्यायमूर्ति सुनीता अग्रवाल की खंडपीठ ने सुनवाई की। याचिका में सहायक अध्यापक भर्ती में अल्पसंख्यक कालेजों के छात्रों को आरक्षण देेने तथा उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा (अध्यापक) नियमावली 1981 के नियम 14(1) को असंवैधानिक करार दिया जाए। दलील दी गई कि संविधान के अनुच्छेद 29(1) और 30(1) के तहत अल्पसंख्यक विद्यालयों का अलग स्टेटस है। इनको विशेष दर्जा दिया गया है। ऐसे विद्यालयों से बीटीसी का प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले छात्रों को संविधान के अनुच्छेद 15(4) और 16(4) के उपबंधों का लाभ दिया जाए। कोर्ट ने याचिका को दिग्भ्रमित मानते हुए खारिज कर दिया।