केंद्रीय सूचना आयोग की सुनवाई में शामिल हुए ऑक्टा अध्यक्ष डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि उन्होंने उच्च शिक्षा सचिव से सूचनाएं मांगीं थीं, लेकिन जवाब अनु सचिव ने दिया और किसी भी मामले में उन्होंने कोई सीधा जवाब नहीं दिया। उनका जवाब था कि एरियर भुगतान का दायित्व विश्वविद्यालय का है, जबकि सभी यह जानते हैं कि विश्वविद्यालय केंद्रपोषित संस्था है और वेतन एवं एरियर का भुगतान शिक्षा मंत्रालय यूजीसी के माध्यम से करता है।
साथ ही उन्होंने इविवि की आधिकारिक मेल से भेजे गए स्पष्टीकरण के पत्रों को भी नकारा दिया और कहा कि उनको ऐसे कोई पत्र प्राप्त नहीं हुए हैं। ऑडिट आपत्ति के बारे में भी गोलमोल जवाब दिया। ऑक्टा अध्यक्ष के अनुसार कि उन्होंने सुनवाई में केंद्रीय सूचना आयोग से कहा है कि ये सभी जवाब उन्हें लिखित रूप से दिए जाएं। शिक्षक अपने अधिकार की लड़ाई जारी रखेंगे।