गंगापार के झूंसी और आसपास के इलाकों में खेतों में हो रहे मिट्टी खनन से बिजली आपूर्ति पर खतरा मंडराने लगा है। मिट्टी की खोदाई से हाईटेंशन टावर और 11 हजार केवी के खंभों की नींव कमजोर हो गई है। इससे बिजली गुल होने का अंदेशा है।
बिजली विभाग के 132 केवी लाइन के टावरों की नींव कमजोर होने से अधिकारी चिंतित हैं। इसका प्रमुख कारण झूंसी और सरायइनायत क्षेत्रों में हो रहा मिट्टी का खनन है। खेतों में लगे खंभों के अगल-बगल की मिट्टी खोद दी गई है। इस वजह से नींव कमजोर हो गई है।
हनुमानगंज के कछार समेत अन्य गांवों में बड़े पैमाने पर मिट्टी खनन जारी है। 132 केवी डबल सर्किट हाईटेंशन लाइन के टावरों के आसपास भी खनन किया गया है। कई खंभे मिट्टी कटान के कारण हवा में लटक रहे हैं।
बिजली विभाग के अधिकारियों ने प्रशासन से कई बार मदद मांगी है। उन्होंने बोल्डर पिचिंग और सैंड बैरियर लगाने का अनुरोध किया है। मुख्य लाइन के खंभों के आसपास मिट्टी कटान और खनन पर रोक लगाने की मांग की। इन प्रयासों के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
अवर अभियंता आवास विकास बिजली उपकेंद्र जितेंद्र कुमार मौर्य ने बताया कि बिजली के खंभे के आसपास मिट्टी खनन बेहद गंभीर है। उन्होंने पूरे प्रकरण से विभागीय अधिकारियों को अवगत कराया है।