घटना के बाद छानबीन करती पुलिस।
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मनीष को पेट में जबकि अभिजीत और अमीष को पैर की जांघ में गोली लगी थी। तीनों को एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया गया था। गोलीबारी करने के बाद पैरा मिलिट्री जवान जयशंकर गाड़ी छोड़कर वहां से भागने लगा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक इस दौरान दूसरे पक्ष ने भी पैरा मिलिट्री के कमांडों पर गोलीबारी और पथराव किया, लेकिन वह बचकर फरार हो गया।
घटना की सूचना मिलने इंस्पेक्टर वैभव सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और तफ्तीश की। पुलिस ने पैरा मिलिट्री के कमांडो को हिरासत में ले लिया था। उसकी राइफल भी पुलिस ने जब्त कर ली थी। पूरी वारदात वहां के एक मकान के बाहर लगे सीसी टीवी कैमरे में कैद हो गई थी। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर झूंसी पुलिस कार्रवाई में जुटी हुई थी। देर रात आरोपी मिलिट्री के कमांडो के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद कमांडो ने भी क्रॉस एफआईआर दर्ज कराई है।
डेढ़ महीने में दूसरी दफे छतनाग रोड पर चली गोली
डेढ़ महीने के भीतर झूंसी के छतनाग रोड पर दूसरी दफे शुक्रवार को गोली चल गई। 19 जून को हवेलिया निवासी प्रापर्टी डीलर रामसूरत यादव के पैर में गोली मारी गई थी। इससे छतनाग रोड पर अफरा-तफरी मच गई थी। इस मामले में झूंसी पुलिस रिपोर्ट दर्ज करने के बाद आज तक कुछ नहीं कर सकी। इसी बीच शुक्रवार को तकरीबन उसी जगह पर कई राउंड गोलीबारी और पथराव से इलाके के लोग सकते में आ गए।