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पारा लुढ़का, हवाओं से मौसम सर्द

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Mercury rolls down, cold weather from mountain winds - फोटो : CITY DESK
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पारा लुढ़का, पहाड़ी हवाओं से मौसम सर्द
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पहाड़ों पर बर्फबारी, बंगाल की खाड़ी का निम्न दबाव प्रभावी
दो दिन रह सकता है बादलों का डेरा, बूंदाबांदी के बने आसार
प्रयागराज। पहाड़ों पर बर्फबारी और बर्फीली हवाओं के प्रभाव से शुक्रवार को पारा पांच डिग्री लुढ़क गया। सुबह खिली धूप दोपहर बाद गुम हो गई। शाम को मौसम सर्द हो गया। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक वापसी में समुंद्र के संपर्क में आए मानसून ने यह उठापटक कराई है। अगले दो दिन तक हल्के बादल छाए रहेंगे। कहीं-कहीं बूंदाबांदी भी हो सकती है फिर सोमवार से मौसम साफ होगा।
बादलों के डेरा जमाने के बीच शुक्रवार को धूप खिली फिर बर्फीली हवाओं के बाद से सूरज दुबक गया। अचानक तेज बर्फीली हवाओं ने मौसम सर्द कर दिया। बाहर निकले लोग ठंडी हवाओं से परेशान रहे। रात का पारा मामूली बढ़त पर रहा लेकिन हवाओं की ठंडक हावी रही।
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बीते 24 घंटे में तापमान उठापटक वाला रहा। अधिकतम तापमान 30.3 डिग्री से 25.2 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। वहीं रात का न्यूनतम तापमान 20.4 डिग्री से मामूली बढ़त के साथ 21.6 डिग्री सेल्सियस मापा गया। आर्द्रता अपने उच्चतम स्तर 95/60 प्रतिशत रही। यही नमी वातावरण को सर्द करने में सहायक रहा।
मौसम विज्ञानी प्रोफेसर एचएन मिश्रा के मुताबिक बंगाल की खाड़ी के निम्न दाब के प्रभाव से केरल, कर्नाटक तमिलनाडु में बारिश करा रहा है। उड़ीसा में भी बरसात हो रही है, ऐसे में यहां वहां का प्रभाव और पहाड़ों से आ रही बर्फीली हवाएं मौसम बदलने का कारण बनी हैं। उन्होंने बताया कि अगले 48 घंटे हल्के बादल बूंदाबांदी करा सकते हैं। यह शीत ऋतु का आरंभ काल है।
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संभलें नहीं तो सेहत खराब करेगा मौसम
मौसमी उठापटक से अचानक बदल रहा मौसम सेहत पर भारी पड़ सकता है। सर्दी-गर्मी के कारण चर्म रोगों के साथ बुखार, सर्दी-जुकाम के मरीज बढ़ेंगे। मच्छरों के कारण डेंगू जैसे संक्रामक रोग भी परेशानी का कारण बन सकते हैं। एसआरएन अस्पताल के फिजीशियन डॉ. आरएन पांडेय के मुताबिक यह मौसम सावधानी बरतने का है। जरा सी चूक बीमार कर देगी। इसलिए ठंडे पानी और रात में हल्के कपड़े पहनकर निकलने से परहेज करें। कूलर-एसी का इस्तेमाल न करें नहीं तो छाती में जकड़न और खांसी हो सकती है। बुखार लगातार बना रहे तो तुरंत चिकित्सक से परामर्श लेकर दवा लें।
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