सोमवार से जिले में सामाजिक दूरी के साथ एकल दुकानों को खुलने की हरी झंडी तो मिली, मगर व्यापारियों के असमंजस में रहने के कारण 80 प्रतिशत दुकानों में ताला लटकता रहा। हालांकि बीस प्रतिशत दुकानें खुली, मगर ग्राहकों के नहीं आने से सन्नाटा पसरा रहा। दरअसल, दुकानें खुलने को लेकर सुबह से ही व्यापारी ऊहापोह की स्थिति में रहे। दोपहर बाद पुलिस के एलाउंस करने पर स्थिति साफ हुई। अब मंगलवार से बाजार में रौनक आने की संभावना है।
ऑरेंज जोन में शामिल प्रतापगढ़ में लॉकडाउन के तीसरे चरण में एकल दुकानों को खोलने की इजाजत दी गई है। सोमवार की सुबह जब दुकानदारों ने दुकान खोलने का प्रयास किया तो उन्हें पुलिस का भय सताने लगा। हॉटस्पॉट एरिया पंजाबी मार्केट, सब्जी मंडी में दुकानें खोलने पहुंचे व्यापारियों को मौके पर मौजूद फोर्स ने दौड़ा लिया। यह देखकर आसपास के दुकानदार भाग निकले।
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यह खबर पूरे शहर में फैल गई कि पुलिस दुकान खोलने से मना कर रही है। फिर क्या था, जिन व्यापारियों ने दुकानें खोल रखी थीं, वह भी बंद कर दिए। दोपहर करीब बारह बजे पुलिस ने दुकानें खोलने के लिए एलाउंस करना शुरू किया तो लगभग बीस प्रतिशत दुकानें खुलीं। दोपहर में धूप तेज होने के कारण दुकानों पर सन्नाटा पसरा रहा। पुलिस दिनभर अलर्ट रही और बाजारों को भ्रमण करती रही।
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41 दिन बाद उठा दुकानों का शटर, होती रही साफ-सफाई
जिले में 41 दिन बाद दुकानें तो खुलीं, मगर ग्राहकों के नहीं पहुंचने पर व्यापारियों के हाथ निराशा लगी। दुकानें खोलकर व्यापारी ग्राहकों के आने की प्रतीक्षा करते रहे, मगर दोपहर में पूरी तरह सन्नाटा पसरा रहा। हालांकि अधिकांश दुकानदार पहले दिन बोहनी होने से खुश नजर आए, मगर व्यापारियों का मानना है कि व्यापार को पटरी पर लौटने में अभी वक्त लगेगा।