महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी ने बृहस्पतिवार को सीएम योगी आदित्यनाथ की पाठशाला से लौटने के बाद अफसरों के साथ हुई अपनी पहली बैठक में ही तीखे तेवर दिखाए। विकास और स्वच्छता मंत्र के अनुरूप शासन की मंशा से अवगत कराते हुए उन्होंने दो टूक कहा ‘हमें काम चाहिए और कुछ नहीं’, आप सबको काम करना ही पड़ेगा क्योंकि मैं भी क्षेत्र में निकलूंगी। बोलीं, शहर की सबसे बड़ी समस्या गंदगी है, इससे निजात दिलानी ही होगी। दावा किया कि स्वयं रोज तीन वार्डों का निरीक्षण करूंगी। अब बैठकी बंद करें, सिर्फ काम पर ध्यान लगाएं। निरीक्षण में गड़बड़ी मिली तो सफाई कर्मचारी नहीं जिम्मेदार अफसर नपेंगे।
नगर निगम के सदन हाल में शपथ ग्रहण के बाद पहली बार स्वच्छता भारत मिशन (एसबीएम) की बैठक में शामिल महापौर अभिलाषा ने नगर आयुक्त हरिकेश चौरसिया, अपर नगर आयुक्त प्रथम ऋतु सुहास, अपर द्वितीय संजय सिंह, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव आदि अफसरों से कहा कि वह टीम भावना से काम करती हैं। जोनल अफसर सुबह से ही क्षेत्र में निकलें, बीट सुधारे, कमियां दुरुस्त कराएं नहीं तो पहली कार्रवाई के लिए तैयार रहें। महापौर अभिलाषा ने स्पष्ट किया कि शहर में सफाई के लिए जोनल अफसर, सफाई निरीक्षक और हवलदार ही जिम्मेदार होंगे। कहा कि कूड़ा घर रोज खाली हों, कूड़े का मानक के अनुरूप निस्तारण हो, खस्ताहाल सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति सुधारें। इसकी निगरानी के लिए अपर नगर आयुक्त ऋतु को जिम्मेदारी दी गई है।
महापौर ने निर्देशित किया कि शहर को साफ सुथरा रखने के लिए 500-500 मीटर की दूरी पर डस्टबिन लगाए जाएंगे। साथ ही बाजारों में दुकानों और बड़े प्रतिष्ठानों के भी डस्टबिन लगाए जाएंगे। स्वच्छता के इस काम में व्यापार मंडल, स्वयंसेवी संस्थाओं और स्कूल-कॉलेज प्रबंधन का सहयोग लिया जाएगा। कोशिश होगी हर घर तक स्वच्छता का संदेश पहुंचाया जाए।
महापौर ने वरिष्ठ पार्षद रतन दीक्षित की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए सफाई कार्य में लगी कंपनी हरी भरी के संचालकों को कार्यशैली में सुधार लाने के लिए 7 दिन की मोहलत दी है। उन्होंने कहा कि शहर के सभी वार्डों में 100 प्रतिशत डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन किया जाए। कूड़ा उठाने और बसवार प्लांट में उसके निस्तारण की प्रक्रिया मानक के अनुरूप की जाए। रतन दीक्षित ने पहली बैठक से पहले ही हरी भरी के खिलाफ कार्य निष्पादन में लापरवाही का आरोप लगाकर शिकायती पत्र नगर आयुक्त और महापौर को दिया।
नई बस्ती की पार्षद किरन जायसवाल ने महापौर को शिकायती पत्र और फोटो देकर हरी भरी कंपनी की लचर कार्यशैली की पोल खोली। पत्र में बताया गया कि पेठा वाली गली में कूड़ा अड्डा के बाहर फैली गंदगी और वहां आवारा पशुओं का जमावड़ा लोगों की परेशानी का कारण बना है। दुर्गंध से आसपास के रहने वाले लोग संक्रामक बीमारियों का शिकार हो रहे हैं।
सदन हाल में हुई सफाई संबंधी बैठक में महापौर अभिलाषा ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी को नए वार्डों में सफाई कर्मियों की तैनाती का निर्देश दिया। कहा कि नए परिसीमन के आधार पर बने वार्डों में सफाई कर्मियों का नए सिरे से कार्यक्षेत्र निर्धारण करें। वीआईपी मूवमेंट के लिए अलग से टीम बनाएं न कि बीट तोड़कर वार्डों की सफाई रोकें। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सफाई कर्मियों के तबादले न करें।