विधानसभा चुनाव 2027 की सियासी बिसात से पहले आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने तैयारियों को धार देना शुरू कर दिया है। सोमवार को भुलई का पूरा में आयोजित बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने चुनावी हुंकार भरी।
उन्होंने प्रदेश की योगी सरकार पर निशाना साधते हुए शिक्षा, सड़क, बिजली, पानी और कानून व्यवस्था के मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी विधानसभा चुनाव पूरी मजबूती से लड़ेगी। गठबंधन के सवाल पर उन्होंने कहा कि जब फैसला होगा तो डंके की चोट पर होगा।
चंद्रशेखर आजाद ने बसपा प्रमुख मायावती का जिक्र करते हुए कहा कि वह कांशीराम की राजनीतिक उत्तराधिकारी हैं, जबकि वह खुद (चंद्रशेखर) उनकी विचारधारा को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। मायावती के साथ राजनीतिक रूप से चलने की संभावनाओं पर उन्होंने कहा कि जब तक बहनजी नहीं चाहेंगी, तब तक साथ चलना संभव नहीं है।
उन्होंने बताया कि बड़े-बुजुर्गों की सलाह पर इस दिशा में प्रयास भी किया गया था, लेकिन सफलता नहीं मिली। उन्होंने कहा कि स्कूल बंद किए जा रहे हैं और जनता को सुविधाओं के नाम पर परेशान होना पड़ रहा है। सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वालों पर मुकदमे दर्ज किए जाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कानून व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए।
बिना नाम लिए जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) के नेता राजा भैया पर निशाना साधते हुए चंद्रशेखर ने खुलेआम हथियारों का प्रदर्शन किए जाने की बात कही। उन्होंने कांग्रेस और भाजपा पर भी कमजोर वर्गों को सत्ता से दूर रखने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
चुनाव के बाद भी एकजुट रहें विपक्षी दल
वर्ष 2027 में गठबंधन की संभावनाओं पर उन्होंने कहा कि सरकार को हराने के लिए पूरी ताकत लगाई जाएगी। विपक्षी दलों को चुनाव के दौरान ही नहीं, बल्कि उसके बाद भी जनता की समस्याओं और जरूरतों के लिए एकजुट रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीति का उद्देश्य जनता के हितों की रक्षा करना होना चाहिए।
मतपत्र से चुनाव कराने की उठाई मांग
चंद्रशेखर आजाद ने डिजिटल मतदाता सूची में वोट चोरी की आशंका जताते हुए चुनाव प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने मैनुअल मतदाता सूची और बैलेट पेपर से चुनाव कराने पर विचार करने की बात कही। उनका कहना था कि ईवीएम के बजाय मतपत्र से मतदान कराने की व्यवस्था पर चर्चा होनी चाहिए।
फूलपुर के भुलईकापूरा में बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद।