मौनी अमावस्या स्नान पर्व पर संगम तट पर हुई भगदड़ के बाद मौके पर बिखरा सामान
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मौनी अमावस्या पर हादसे की जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग की टीम सोमवार को महाकुंभ क्षेत्र में पहुंची। यहां मेला प्राधिकरण कार्यालय में पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर मौनी अमावस्या के दिन का ले आउट प्लान, भर्ती मरीजों का ब्योरा, फोर्स की तैनाती सहित अन्य आवश्यक जानकारी मांगी। अधिकारियों की ओर से दिए गए जवाब और साक्ष्य का पूरा विवरण टीम के सदस्यों ने कलमबंद किया।अधिकारियों के अनुसार, 29 जनवरी को मौनी अमावस्या पर भारी भीड़ के कारण हुए हादसे में 90 लोग घायल हो गए, जिसमें 30 की मौत हो गई।
हादसा देर रात करीब डेढ़ से पौने दो बजे के बीच हुआ था। पुलिस के अनुसार, एकाएक पीछे से भीड़ का रेला आया, जिसके कारण बड़ी संख्या में लोग गिरकर दब गए और फिर उठ नहीं पाए। घटना के संबंध में सोमवार को महाकुंभ पहुंची न्यायिक आयोग की टीम ने पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा, कमिश्नर विजय विश्वास पंत, एडीजी भानु भाष्कर, डीआईजी वैभव कृष्ण, अजय पाल, डीएम रवींद्र मांदड़, एसएसपी राजेश द्विवेदी, मेला अधिकारी विजय किरण आनंद आदि की मौजूदगी सवाल जवाब किए और साक्ष्य एकत्रित किए। यही नहीं टीम के सदस्यों ने स्वास्थ्य महकमे से भी भर्ती मरीजों, मृतकों, घायलों आदि का पूरा ब्योरा तलब किया है।