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वार्ड आरक्षण से बदला सीटों का गणित

Fri, 06 Oct 2017 01:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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नगर निगम चुनाव के लिए हुए संशोधित परिसीमन और रैपिड सर्वे के बाद बृहस्पतिवार को वार्डों की संशोधित सूची का प्रकाशन कर दिया गया। चक्रानुक्रम के मुताबिक शहर के लगभग सभी वार्डों का नंबर और आरक्षण का स्वरूप बदल गया है। वार्ड आरक्षण से सीटों का गणित बदल गया है। कई धुरंधर पार्षदों की जमीन खिसक गई है। निगम सदन में सवाल उठाकर छाए रहने वाले कई मुखर निवर्तमान पार्षदों को मायूसी का सामना करना पड़ेगा। डीएम की संस्तुति के बाद नगर आयुक्त ने बृहस्पतिवार को सूची का प्रकाशन कर दिया। अब सात दिन के भीतर जिलाधिकारी कार्यालय में आपत्ति दर्ज की जा सकती है।
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प्रमुख सचिव नगर विकास मनोज कुमार सिंह के हस्ताक्षर से जारी वार्डों की सूची का क्रम उसी तरह है, जिसकी सूचना अमर उजाला ने सबसे पहले दी थी। वर्ष 2012 में वार्ड एक काजीपुर था और यह सीट अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित थी। इस बार एक नंबर वार्ड सुलेम सराय होगा और यह सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित की गई है। इसी तरह अंतिम वार्ड 80 सिविल लाइंस था। इस बार सूची में करेली अंतिम वार्ड होगा लेकिन इस वार्ड के आरक्षण स्वरूप में बदलाव नहीं किया गया है। यह सीट सामान्य ही रहेगी।


छात्र राजनीति से नगर निगम सदन में पहुंचकर कई बार मैदान मारने वाले वरिष्ठ पार्षद शिवसेवक सिंह का भारद्वाज पुरम वार्ड 42 इस बार महिला के लिए आरक्षित किया गया है। पहले यह वार्ड पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आरक्षित था। इसी तरह बाघंबरी हाउसिंग स्कीम वार्ड 18 सामान्य से पिछड़ी जाति के लिए सुरक्षित घोषित किया गया है। महापौर के नजदीकी माने जाने वालों में पार्षद राजेश कुशवाहा का बेनीगंज वार्ड ओबीसी से ओबीसी महिला हो गया है। इनके साथ मुट्ठीगंज भाग दो के पार्षद नीरज गुप्ता की सामान्य सीट अबकी महिला हो गई है। इसी क्रम में मधवापुर वार्ड 24 के पार्षद दिनेश गुप्ता छेदी का सामान्य वार्ड इस बार महिला के लिए आरक्षित किया गया है। सिविल लाइंस जैसे पॉश इलाके का आरक्षण गणित भी गड़बड़ा गया है, यह सीट इस बार सामान्य से अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित की गई है। मम्फोर्डगंज वार्ड की गणित बदलने की कोशिशें नाकाम हो गईं। यहां सीट तमाम प्रयास के बाद महिला से सामान्य हो गई। यहां से रमा दीक्षित पार्षद हैं, इससे पहले उनके पुत्र भाजपा के रतन दीक्षित इस वार्ड से निर्दलीय चुनाव जीत चुके हैं। म्योराबाद वार्ड भी इस बार पिछड़ी जाति महिला से अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हो गया है। यहां की पार्षद पुष्पा कुशवाहा ने परिसीमन में गड़बड़ी का आरोप लगा आपत्ति भी की थी।
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सत्ता में रहकर भी भाजपाई पार्षद अपने-अपने वार्डों का गणित गड़बड़ाने से नहीं बचा पाए। वार्डों का आरक्षण स्वरूप बदलने से भाजपा से जुड़े कई निवर्तमान पार्षदों को बड़ा झटका लगा है। सलोरी से चुनाव लड़ने वाले राजू शुक्ला एडीए के सदस्य भी हैं। उनका वार्ड इस बार अनुसूचित जाति (एससी) के लिए आरक्षित किया गया है। इसी तरह भाजपा के  सदन नेता अतरसुइया वार्ड से पार्षद गिरी शंकर प्रभाकर बाबा की सीट सामान्य से इस बार पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आरक्षित की गई है। सत्ताधारी दल के नेताओं के करीबी दारागंज के निवर्तमान पार्षद राजेश निषाद पप्पू की सीट सामान्य से इस बार पिछड़ा वर्ग महिला के लिए सुरक्षित की गई है। राजेश एडीए के सदस्य भी हैं। इसी तरह दारागंज बख्शी खुर्द की महिला सीट इस बार पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित हो गई है। यहां से भाजपा नेत्री सुमन शुक्ला पार्षद हैं। भाजपा के ही न्याय क्षेत्र से चुनाव लड़ने वाले पार्षद आनंद सोनकर की सीट इस बार महिला के लिए आरक्षित होगी। पहले यह वार्ड एससी के लिए सुरक्षित था। गंगानगर वार्ड से चुनाव लड़ने वाले भोला तिवारी की सीट सामान्य से महिला के लिए आरक्षित हो गई है। नई बस्ती की आरक्षित सीट इस बार सामान्य हो गई है। यहां से भाजपा के सदन नेता रहे स्वर्गीय दिलीप जायसवाल की पत्नी किरन जायसवाल पार्षद हैं।
हर बार बचे, वार्डों की स्थिति पहले की तरह रही

नगर निगम के लगभग हर चुनाव में जिताऊ गढ़ माने जाने वाले कुछ वार्डों का स्वरूप जैसे का तैसा है। इसका लाभ पाने वाले सपा के साथ भाजपा और अन्य दलों के धुरंधर पार्षद भी शामिल हैं। कार्यकारिणी उपाध्यक्ष सुशील यादव पिछली बार मालवीय नगर वार्ड महिला के लिए आरक्षित हो जाने के कारण दरियाबाद भाग दो से चुनाव लड़े। कड़े मुकाबले के बाद चुनाव जीत धमक बरकरार रखी। इस बार वह अपनी सीट पर वापस लौट कर चुनावी दंगल में दांव आजमा सकते हैं। मालवीय नगर वार्ड महिला से सामान्य और दरियाबाद भाग दो वार्ड महिला के लिए आरक्षित कर दिया गया है। इसी तरह कई बार से नगर निगम सदन में पहुंचने वाले वरिष्ठ पार्षद अतहर रजा लाडले का पूरा मनोहरदास वार्ड सामान्य ही रहेगा। मिन्हाजपुर से चुनाव लड़ने वाले तसलीमुद्दीन का वार्ड इस बार भी सामान्य है। बक्शी बाजार से पार्षद निजामुद्दीन का वार्ड भी सामान्य रहेगा जबकि पहले परिसीमन के बाद इस वार्ड को पिछड़ा वर्ग के लिए प्रस्तावित किया गया था। भाजपा नेता सतेंद्र चोपड़ा भी अपने वार्ड मीरगंज से ही चुनावी दंगल लड़ सकते हैं। तमाम भाजपाइयों की सीट गड़बड़ाने के बावजूद उनकी सीट सामान्य ही है। इसी तरह दायराशाह अजमल वार्ड के पार्षद अनीस अहमद और वरिष्ठ पार्षद नेम यादव का नारायण सिंह नगर वार्ड इस बार भी सामान्य रहेगा।

शहर के बीच स्थित मोहत्सिमगंज वार्ड से महिला जीतती हैं। यहां से कुसुम लता गुप्ता पार्षद हैं लेकिन यह वार्ड सामान्य ही है। प्रीतम नगर के पार्षद आनंद सिंह के लिए मुश्किल हो गई है। उनका वार्ड सामान्य से पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित हो गया है। अलोपीबाग वार्ड महिला से सामान्य हो गया जबकि यहां से प्रेमलता गु्प्ता पार्षद हैं। ऐसे कई पार्षद हैं जो इस अनंतिम सूची प्रकाशन के बाद बिगड़ी चुनावी गणित से मायूस हैं लेकिन कई तो बेहद खुश हैं, क्योंकि उनके वार्डों के स्वरूप में कोई परिवर्तन ही नहीं हुआ है। 
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