बसपा नेता राजेश यादव की हत्या मामले में आरोपी डॉक्टर मुकुल सिंह और उनके भाई राहुल सिंह के उत्पीड़न का आरोप लगाकर हड़ताल पर गए मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टर बृहस्पतिवार को काम पर लौट आए। बुधवार शाम से भर्ती ठप किए जाने से मरीज पूरी रात भटकते रहे। माना जा रहा है कि एस्मा के तहत कार्रवाई होने के डर से जूनियर डॉक्टरों ने हड़ताल समाप्त करने की घोषणा कर खुद का बचाव किया है।
पुलिस पर साथी डॉक्टरों का बेवजह उत्पीड़न करने का आरोप लगाकर नाराज जूनियर डॉक्टरों ने बुधवार शाम एसआरएन अस्पताल के गेट के बाहर दवा की दुकानें बंद करा नारेबाजी की थी। प्राचार्य और प्रशासनिक अफसरों से वार्ता के बाद भी जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर चले गए। इस कारण मरीजों की भर्ती भी ठप हो गई। बड़ी संख्या में एसआरएन और चिल्ड्रेन अस्पताल पहुंचे मरीज इलाज न होने से परेशान होकर शाम से भोर तक लौटाए गए।
प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह ने जूनियर डॉक्टरों को एस्मा लागू होने की जानकारी देकर हड़ताल समाप्त करने को कहा था। उनके कार्यालय से हामी भरकर लौटे जूनियर डॉक्टर काम पर नहीं लौटे। देर रात एडीएम सिटी ने भी एसआरएन अस्पताल जाकर जूनियर डॉक्टरों से वार्ता कर निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिलाया था। बावजूद इसके देर रात तक चली जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन(जेडीए) की बैठक में हड़ताल समाप्त करने की सहमति नहीं बन सकी। बृहस्पतिवार सुबह प्राचार्य डॉ. सिंह ने जूनियर डॉक्टरों से एक बार फिर वार्ता की तो वे काम पर लौटने को तैयार हो गए। एसआरएन और चिल्ड्रेन अस्पताल में ओपीडी में भीड़ जुटी और मरीजों को भर्ती भी किया गया।