प्रयागराज। माहे मोहर्रम की तीसरे दिन शहर से देहात तक मजलिसों में हजरत इमाम हुसैन और उनके जानिसार कर्बला के शहीदों को याद किया गया। इस दाैरान उलेमाओं के साथ ही नाैहाख्वानों ने कर्बला की जंग को अपने अंदाज में बयां किया, जिसे सुन सोगवारों की आंखें नम हो गईं।
चक जीरो रोड, घंटाघर, सब्जी मंडी, शाहगंज, बरनतला, पत्थर गली, रानीमंडी, करेली, करैलाबाग, बख्शी बाजार, दरियाबाद सहित अन्य मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में रविवार को सुबह से देर रात तक मजलिसों का दाैर चलता रहा। आलमचंद अजाखाने पर हसन आमिर की ओर से आयोजित माहे मोहर्रम की मजलिस को मौलाना अख्तर हुसैन ने खिताब किया। उन्होंने करबला के शोहदा की शहादत का मार्मिक अंदाज में वर्णन किया। दरियाबाद कमाल खां के टेकरे पर अजाखाना निशाद हुसैन में कदीमी मजलिस को मौलाना इरफान हैदर ने संबोधित किया। वहीं अन्जुमन गुंचा-ए कासिमया के नौहाख्वानो नेयाज़ुल हसन, हाशिम बांदवी, जिब्रान, सैय्यद हैदर आदि ने इमाम हुसैन की शहादत को याद किया।