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परिसीमन में बदल गया वार्डों का नक्शा

Thu, 13 Apr 2017 01:42 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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चुनाव - फोटो : file
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स्थानीय निकाय चुनाव के परिसीमन में नगर निगम के अफसरों ने मनमानी करते हुए वार्डों का नक्शा ही बदल दिया। भौतिक सत्यापन किए बगैर वार्डों की आबादी के घनत्व को बराबर पर लाने के लिए भौगोलिक सीमा क्षेत्र निर्धारण में भारी लापरवाही बरती गई है। शिकायतों को नजरंदाज करने से नए परिसीमन में कई विसंगतियां साफ नजर आ रही हैं। नियमावली के विपरीत 70 वार्डों के क्षेत्र में भारी फेरबदल किया गया है। तीन से चार हजार की आबादी वाले कुछ वार्डों का अस्तित्व समाप्त कर नए वार्ड गठित करने का प्रस्ताव है, लेकिन 2011 की जनसंख्या के आधार पर वार्डों की संख्या 80 ही रहेगी। बुधवार रात नए परिसीमन की रिपोर्ट प्रशासन की सहमति के बाद शासन को भेज दी गई।
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शासन ने चार अप्रैल को निकाय चुनाव के लिए नए सिरे से परिसीमन कराने का शासनादेश जारी किया। एक सप्ताह के भीतर परिसीमन का पूरा करने के लिए निगम के अफसर और नक्शा विभाग के कर्मचारियों ने काम शुरू किया। मंगलवार को छुट्टी बावजूद देर रात तक परिसीमन का कार्य चलता रहा। शासन को भेजी गई नई परिसीमन रिपोर्ट में करीब 70 वार्डों की भौगोलिक स्थिति में भारी फेरबदल कर दिया। नियमावली में स्पष्ट है कि परिसीमन में वार्डों का भौगोलिक क्षेत्रवार परिसीमन मुख्य मार्ग के आधार पर होना चाहिए। जबकि परिसीमन में नियमावली की धज्जियां उड़ाई गईं। वार्डों की आबादी का घनत्व बराबर करने के लिए नियम कायदे दरकिनार किए गए। सड़क के इर्द-गिर्द जिन वार्डों की आबादी मथी गई, उनकी संख्या 70 के करीब है।

नए परिसीमन में रामबाग, सलोरी और बहादुरगंज वार्ड समाप्त करने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। कुछ वार्ड ऐसे भी हैं, जिनकी आबादी चार से छह हजार है, उन्हें भी समाप्त कर यहां की आबादी दूसरे वार्डों में सम्मिलित की जाएगी। नक्शा विभाग ने एलए की सहमति के बाद इन वार्डों के स्थान पर राजरूपपुर, करेली और हरवारा, बेली, भावापुर में नए वार्ड सृजित करने का भी प्रस्ताव शासन को भेजा है। निगम अफसरों के मुताबिक आबादी के अनुपात से वार्डों की संख्या 80 ही रहेगी। कई बड़े वार्ड की आबादी इस तरह से मथी गई है कि मोहल्लों की सीमा में भी परिवर्तन तय है। मसलन वार्ड संख्या 67 रामबाग को समाप्त कर इस क्षेत्र की आबादी को वार्ड 61 व 41 में सम्मिलित किया गया है। इसी तरह राजरूपपुर, अल्लापुर, मुट्ठीगंज, चांदपुर सलोरी में आबादी का संतुलन बनाकर नए वार्ड गठित करने का प्रस्ताव है।
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नियमावली को ताक पर रख किए गए नए परिसीमन के बाद यह तय है कि आगामी निकाय चुनाव में वार्डों की संख्या में परिवर्तन तय है। उदाहरण के तौर पर एक नंबर वार्ड वही हो लेकिन हरवारा में नए वार्ड का गठन प्रस्ताव पास होते ही यहां वार्ड की संख्या बदल जाएगी। सलोरी, चांदपुर सलोरी, मुट्ठीगंज, अल्लापुर, रामबाग, कीडगंज आदि मोहल्लों में नए परिसीमन के बाद वार्डों की संख्या बदल जाएगी।

नगर निगम अफसरों की मनमानी और सियासी दबाव से जिन वार्डों की भौगोलिक स्थिति बदली है या फिर जिन वार्डों को समाप्त करने का प्रस्ताव है, वहां के पार्षदों का भविष्य अंधकारमय हो गया। कुछ की तो पार्षदी गई तो कई क्षेत्र बदलने से पार्षद का चुनाव लड़ने के बारे में विचार करने लगे हैं। सूत्र बताते हैं कि अशोक नगर वार्ड की आबादी का विस्तार आनंद हास्पिटल तक किया गया है। मुट्ठीगंज क्षेत्र की आबादी भी इस तरह मथी गई है कि चुनाव की तैयारी करने वाले इसकी भनक लगते ही मायूस हो गए। इसी तरह वार्ड संख्या चार, छह, 32 और 47 के आबादी घनत्व और मतदाता सूची में भारी अंतर है। वार्ड संख्या पांच और 27 की आबादी में उलटपुलट कर तैयार किया गया नक्शा नियमावली के विपरीत है। प्रभावित पार्षदों ने परिसीमन में गड़बड़ी की शिकायत सीएम, नगर विकास मंत्री, प्रमुख सचिव नगर विकास, मंडलायुक्त, डीएम, नगर आयुक्त और महापौर से की है।

शासन की मंशा के अनुरूप आगामी निकाय चुनाव पुरानी वोटर लिस्ट के  आधार पर होंगे। पुराने वोटरों के ही मतदान करने से ऐसी बड़ी आबादी निकाय चुनाव में वोटिंग के अधिकार से वंचित होगी, जिसने विधानसभा चुुनाव में मतदान किया था।
महापौर बोलीं, विकास होगा बाधित

महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी के मुताबिक 2011 की जनगणना के आधार के पर निकाय चुनाव कराए जाने का असर विकास कार्यों पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि जनसंख्या के आधार पर ही 14 वें वित्त्र औ राज्य वित्त आयोग से नगर विकास के लिए बजट मिलता है। कम जनसंख्या के आधार पर जब पुरानी वोटर लिस्ट से चुनाव होंगे तो बजट में वृद्धि की मांग भी नहीं की जा सकती है। पैसा कम मिलेगा तो विकास दर घटेगी। इस बारे में उन्होंने शासन से वार्ता करने की बात कही है। नए परिसीमन से भी असंतुष्ट महापौर ने कहा कि अभी आपत्तियां ली जाएंगी। खामियों को सुधार लापरवाही बरतने वाले दंडित भी किए जाएंगे। पक्षपात बर्दाश्त नहीं होगा।

सूबे में नई सरकार गठित होने के बाद इलाहाबाद विकास प्राधिकरण के अफसरों को लखनऊ तलब कर लिया गया है। ऐसा पहली बार हुआ है जब उपाध्यक्ष, सभी जोनल अफसर, मुख्य अभियंता, अधिशासी अभियंताओं को एक साथ लखनऊ बुलाया गया है। बृहस्पतिवार को इन अफसरों की आवास एवं शहरी नियोजन विभाग के राज्यमंत्री सुरेश पासी के साथ बैठक होगी। इसमें अवैध निर्माण, स्वीकृत मानचित्रों की स्थिति, अभियंत्रण और संपत्ति विभाग के कार्यों की समीक्षा होगी।
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