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असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. विक्रम के समर्थन में आए कई संगठन

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असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. विक्रम के समर्थन में आए कई संगठन
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प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में जातिगत आधार पर नंबर दिए जाने का आरोप लगाने वाले मध्यकालीन एवं आधुनिक इतिहास विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. विक्रम के समर्थन में कई संगठन उतर आए हैं। उन्होंने इविवि प्रशासन की ओर से डॉ. विक्रम को नोटिस जारी किए जाने की निंदा की है और मांग की है कि नोटिस को शीघ्र वापस लिया जाए।
डॉ. विक्रम ने दो साल पहले एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा था कि इविवि में जातिगत भेदभाव है और इसी आधार पर छात्र-छात्राओं को अंक दिए जाते हैं। विश्वविद्यालय में छात्र और शिक्षक भी जातिगत आधार पर बंटे हुए हैं। इस मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग की ओर से इविवि प्रशासन को पत्र जारी कर जवाब मांगा गया था और पूछा गया था कि अब तक क्या कार्रवाई हुई। आयोग से पत्र जारी होने के बाद इविवि प्रशासन ने डॉ. विक्रम को नोटिस जारी कर दिया था और उनसे कहा गया था कि आरोपों से संबंधित कोई प्रमाण हो तो उपलब्ध कराएं, वरना उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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रविवार को संत रविदास मंदिर में हुई बैठक में जुटे तमाम संगठनों ने डॉ. विक्रम को नोटिस दिए जाने की एक स्वर से निंदा की और कहा कि अगर विश्वविद्यालय प्रशासन नोटिस वापस नहीं लेता है तो विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष विरोध दर्ज कराएंगे एवं सड़क पर प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे। बैठक में सम्यक बुद्ध विहार के अध्यक्ष कमलेश चौधरी, भीम आर्मी की मंडल अध्यक्ष वंदना सोनकर, आइसा के मनीष, विकास गोंड, राइजिंग इंडिया के राष्ट्रीय महासचिव बसारत खान, मिशन शोषण मुक्ति के अध्यक्ष जितेंद्र धनराज, इंकलाबी नौजवान सभा के अध्यक्ष सुनील मौर्य आदि मौजूद रहे।
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