कुंभ के मुख्य स्नान पर्वों के दिनों में शादी रखने वालों को अब परेशान होने की जरूरत नहीं है। मुख्य स्नान पर्वों के दिन भी शहर में शहनाई बजेगी। इसके लिए तैयारी जारी रखें। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने नगर विकास मंत्री सुरेश कुमार खन्ना के सामने यह मुद्दा उठाया। इस पर मंत्री ने कमिश्नर को निर्देश दिया कि जनहित सर्वोपरि है। स्नान पर्वों पर शादी पर रोक लगाना उचित नहीं है। इस फैसले को वापस लिया जाए। जिन परिवारों में कुंभ के दौरान शादी तय है उन्हें मंत्री के इस निर्देश से राहत मिलेगी। हालांकि उन दिनों शहर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ होगी, आवागमन भी प्रतिबंधित रहेगा, इन वजहों से परेशानी उठानी पड़ सकती है।
मंगलवार को बड़े हनुमान मंदिर में अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने नगर विकास मंत्री से कहा कि उनके पास कई ऐसे लोग आए चुके हैं, जिनके यहां शादी मुख्य स्नान पर्वों के दिन तय हैं। अधिकांश लोगों ने अन्य तैयारियों के साथ कार्ड भी छपवा लिए हैं। शादी पर रोक के आदेश से लोगों में गुस्सा भी है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मंत्री ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई कर आदेश वापस लेने को कहा। अफसरों ने कहा कि भीड़ के साथ शहर के विभिन्न मार्गों पर प्रतिबंध लागू रहेगा। इस पर मंत्री ने कहा कि लोग व्यवस्था में सहयोग करते हुए खुद ही रास्ता निकाल लेंगे।
प्रशासन ये था निर्देश
प्रशासन ने कुंभ मेला के मुख्य स्नान पर्वों के एक दिन पहले और एक दिन बाद शहर के सभी गेस्ट हाउस खाली रखने का निर्देश दे रखा है। इसके बाद साल या छह महीने पहले मांगलिक कार्यक्रमों के लिए गेस्ट हाउस बुक कराने वाले परेशान हो गए। संचालकों ने बुकिंग कराने वालों से साफ कहा कि वह इसमें कुछ मदद नहीं कर सकते। आगे की तिथियों में लोगों को गेस्ट हाउस भी नहीं मिल रहे हैं।
एडवांस वापसी में दिक्कत
मुख्य स्नान पर्वों के दौरान या आगे-पीछे के दिनों में गेस्ट हाउस के साथ हलवाई समेत अन्य तैयारियों के लिए बुकिंग कराने वाले जहां जाते वहां एडवांस वापसी में आनाकानी होने लगी। साफ था कि आगे की तिथि पर गेस्ट हाउस मिलेगा या नहीं, तय नहीं है। हलवाई आदि भी बहाने बनाने लगे।