इसके अलावा मल्टी लेवल पार्किंग की सुविधा भी होगी। हालांकि, पीडीए के आलाधिकारी इस बारे में अभी खुलकर कुछ भी कहने से बच रहे हैं। उनका कहना है कि व्यावसायिक जमीन को पीडीए ने बेच दिया है। जमीन खरीदने वाली कंपनी इसका किसी भी कार्य में उपयोग कर सकती है। वहीं, मामले में पीडीए के सचिव अजीत कुमार सिंह का कहना है कि जमीन की पूरी धनराशि जमा होने के बाद इसकी रजिस्ट्री की जाएगी। अगर जमीन खरीदने वाली कंपनी मॉल बनाती है, तो उसका नक्शा पीडीए में जमा होगा और नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।