मेक इन इंडिया के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ-साथ दुनिया भर में बसे भारतीय भी कवायद में जुटे हैं। इसकी बानगी बृहस्पतिवार को मोती लाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) में ‘एडवांस इन मैनेजमेंट एंड टेकभनोलॉजी : मैपिंग स्ट्रेंथ विथ अपारचुनिटी’ विषय पर आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में देखने को मिली। हिस्सा लेने पहुंची न्यूजीलैंड के ऑकलैंड शहर की प्रो. रुक्मिणी गाउंडर ने मेक इन इंडिया को लेकर कई बुनियादी सवाल उठाए। मैसी विश्वविद्यालय की प्रो. गाउंडर ने कई सुझाव दिए और कहा कि भारत को कृषि क्षेत्र में विकास करने की सबसे अधिक जरूरत है। कृषि क्षेत्र में सबसे अधिक नौकरियां हैं और यहां पर कृषि के लिए जमीन भी अधिक है।
संस्थान के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट स्ट्डीज की ओर से आयोजित तीन दिवसीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में प्रो. रुक्मिणी गाउंडर ने पीएम मोदी के दस बुनियादी संसाधनों के बारे में बताया। कहा कि शिक्षा, ऊर्जा, पानी, परिवहन आदि संसाधनों का मुक्कमल विकास जरूरी है और इसका सभी को लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने सामाजिक सुरक्षा की बात भी कही। कृषि क्षेत्र पर विशेष जोर देते हुए इंडिया में औद्योगिकीकरण, उत्पादन, सेवा क्षेत्र में तो बढ़ोतरी की बात कही। कहा कि जहां इन क्षेत्रों का विकास हो रहा है, वहीं कृषि क्षेत्र में गिरावट आ रही है, जबकि देश की अधिकांश जनसंख्या इसी पर निर्भर है।
प्रो. गाउंडर ने कहा कि मोदी सरकार को कृषि क्षेत्र में विशेष ध्यान देने की जरूरत है। सेमिनार के मुख्य अतिथि संस्थान के डायरेक्टर प्रो. पी चक्रवर्ती ने देश के विकास के लिए तकनीकी का अहम रोल बताया। सत्र में प्रो. आरके श्रीवास्तव, मैनेजमेंट स्ट्डीज की अध्यक्ष प्रो. गीतिका ने भी अपनी बात रखी। इस दौरान सोविनियर का लोकार्पण किया गया। संचालन तृप्ति सिंह ने और धन्यवाद डॉ. विभूति त्रिपाठी ने किया। उद्घाटन सत्र के बाद तकनीकी सत्र भी हुए। इसमें प्रो. एके मुखर्जी, प्रो. एनके शर्मा ने भी अपनी बात रखी।