Prayagraj News : महंत रवींद्र पुरी। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के नए अध्यक्ष बनाए गए।
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संतों का कोई सियासी एजेंडा नहीं होता। लेकिन, प्रभु राम की जन्मभूमि अयोध्या के बाद मथुरा और काशी की मुक्ति का हमारा एजेंडा प्राथमिकता में है। इससे पहले भी काशी-मथुरा की मुक्ति के मुद्दे पर अखाड़ा परिषद प्रस्ताव ला चुकी है। महंत रवींद्र पुरी का साफ कहना था कि साधु-संतों के काशी-मथुरा के एजेंडे को भाजपा के अलावा कोई दल सफल नहीं बना सकता। हर कोई जानता है कि भाजपा राम की पार्टी है। इसीलिए साधु-संत भाजपा के साथ हैं और रहेंगे।
आगामी विधान सभा चुनावों में अखाड़ा परिषद की भूमिका को लेकर किए गए सवाल पर उनका कहना था कि उनका सियासत से कोई सीधा संबंध नहीं है। लेकिन, आने वाले चुनावों में नरेंद्र मोदी को केंद्र और योगी आदित्यनाथ को प्रदेश में लाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। आने वाले विधान सभा चुनावों में संत मथुरा काशी के मुद्दे पर भाजपा को ही जिताएंगे। उन्होंने कहा कि सिर्फ भाजपा के राज में ही संत-महात्मा खुद को सुरक्षित महसूस करते हैं।
इसलिए भी इस पार्टी को लाना होगा। अखाड़ा परिषद की अगली बैठक कब और कहां होगी, इस पर उन्होंने टिप्पणी से इंकार कर दिया। उनका कहना था कि हम सभी तेरह अखाड़ों को फिर से एकजुट करने का प्रयास कर रहे हैं। सभी अखाड़ों के प्रतिनिधियों से लगातार बात हो रही है। जल्द ही आपसी मतभेदों को दूर कर सबको एक साथ लाने की पहल की जाएगी।
Prayagraj News : महंत रवींद्र पुरी।
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