इतना ही नहीं, कोर्ट ने सीबीआई अधिवक्ता को केस से जुड़े सभी तथ्यों का एक ब्योरा भी प्रस्तुत करने को कहा है, जिससे कि सुनवाई के दौरान तथ्यों के मामले में कोई गड़बड़ी नहीं हो सके। यह आदेश न्यायमूर्ति संजय कुमार सिंह ने आनंद गिरि की जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए दिया है।
कोर्ट ने सुनवाई के दौरान बरामद साक्ष्यों के ब्यौरे की जानकारी मांगी। केस पत्रावली पर ब्योरा उपलब्ध न होने के कारण कोर्ट ने रिकॉर्ड पेश करने को कहा है। मामले में सीबीआई चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। कोर्ट ने उस पर संज्ञान भी ले लिया है। याची पर आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप है। शिकायतकर्ता की ओर से तर्क प्रस्तुत किया गया कि उसने किसी के खिलाफ शिकायत नहीं की है।
याची का कहना है उसे बिना ठोस साक्ष्य के फंसाया गया है। महंत नरेंद्र गिरि के खुदकुशी नोट में सुनी-सुनाई बातों को लेकर याची पर मजबूर करने की आशंका व्यक्त करते हुए आरोप लगाया गया है।