प्रवेश और निकास मार्गों को पौधों से सजाया जा रहा
प्रयागराज में वन विभाग के आईटी हेड आलोक कुमार पांडेय ने बताया कि महाकुंभनगर के अंदर तथा शहर को जोड़ने वाले प्रवेश और निकास मार्गों को शोभाकर पौधों से सजाया जा रहा है। यहां थीमैटिक रोपण कर 50 हजार सीमेंट गार्ड, 10 हजार गोल आयरन ट्री गार्ड, 2500 चौकोर आयरन गार्ड सहित तमाम कार्य किए जा रहे हैं।
सरस्वती हाईटेक सिटी के 20 हेक्टेयर में ऑक्सीजन बैंक और नगर वन का आनंद
सरस्वती हाईटेक सिटी में एक हाईडेंसिटी ऑक्सीजन फॉरेस्ट विकसित किया जा रहा है। यह ऑक्सीजन बैंक और नगर वन के रूप में कार्य करेगा। सरस्वती हाइटेक सिटी के अंतर्गत 20 हेक्टेयर में 87120 पौधे लगाए जा रहे हैं, जो देश विदेश से आने वाले पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करेंगे।
18 मार्गों पर 190 किलोमीटर के दायरे में सजाए जा रहे पौधे
योगी सरकार के निर्देश पर महाकुंभनगर में 18 मार्गों पर 190 किलोमीटर के दायरे में करीब 50 हजार पौधे लगाए जाने का काम चल रहा है। महाकुंभनगर के शहरी क्षेत्र में 2500 पौधे लगाए जा चुके हैं। 50 हजार पौधे प्रमुख रूप से प्रयागराज-अयोध्या मार्ग, प्रयागराज-वाराणसी मार्ग के साथ ही लखनऊ, मिर्जापुर, रीवा और बांदा समेत 18 मार्गों पर लगाने का काम चल रहा है।
गंगा तटीय क्षेत्र में लगाए जा रहे 10 हजार पौधे
गंगा तटीय क्षेत्र में 10 हजार पौधे लगाए जा रहे हैं। विशेष तौर पर झूंसी, अरैल और फाफामऊ के किनारे, पक्का घाट पर सजावट का काम चल रहा है। महाकुंभनगर के शहरी क्षेत्र, पक्का घाट से लेकर हाईटेक सिटी तक करछना रेंज में विभिन्न प्रकार की प्रजातियों के पौधे लगाए जा रहे हैं, जिसमें गोल्ड मोहर, कचनार और अमलतास के पौधे करीब ढाई हजार की संख्या में लगाए गए हैं। गंगा नदी के किनारे पूरे तटीय क्षेत्र को हरा भरा किया जा रहा है।
हरित महाकुंभ के अंतर्गत महाकुंभनगर में पौधारोपण के तमाम विकास कार्य चल रहे हैं। गंगा नदी के किनारे खासकर बाएं तटीय क्षेत्र में अर्जुन के 3000 पौधे लगाए जा रहे हैं। वहीं, प्रयाग व सोरांव क्षेत्र के साथ संगम गंगा यमुना के दक्षिणी तट पर गोल्ड मोहर और कंजी के पौधे लगाए जा रहे हैं। करछना रेंज में 2000 पौधे लगा रहे हैं। साथ ही गंगा नदी के किनारे तटीय क्षेत्र, झूंसी, ककरा-लीलापुर संपर्क मार्ग फूलपुर में अर्जुन और कचनार के 1700 पौधे लगाए जा रहे हैं। वहीं, फाफामऊ-सहसो-हनुमानगंज मार्ग व प्रयागराज-गोरखपुर मार्ग-फूलपुर मार्ग पर अर्जुन पीपल के 1800 पौधे लगाए जा रहे हैं।