स्मार्ट सिटी योजना के अंतर्गत प्रमुख चौराहों, मार्गों पर पहले से कैमरे लगे हैं, जिनका कनेक्शन मेला प्रशासन कार्यालय के पास स्थित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) से है। महाकुंभ के मद्देनजर अब 1350 और कैमरे लगाए जाएंगे। इनमें करीब 850 सीसीटीवी कैमरे हैं, जबकि अन्य एआई सुविधा वाले कैमरे हैं।
महाकुंभ-2025 में आने वाली भीड़ नजर रखने के लिए अत्याधुनिक तकनीक वाले 1350 कैमरों और ड्रोन की मदद ली जाएगी। इनकी मदद से पहले ही पता चल जाएगा कि भीड़ कहां बढ़ने वाली है। इस पूरी कवायद पर 23.50 करोड़ रुपये खर्च होंगे। मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने बृहस्पतिवार को नगर निगम में बैठक कर इसकी समीक्षा की।
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स्मार्ट सिटी योजना के अंतर्गत प्रमुख चौराहों, मार्गों पर पहले से कैमरे लगे हैं, जिनका कनेक्शन मेला प्रशासन कार्यालय के पास स्थित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) से है। महाकुंभ के मद्देनजर अब 1350 और कैमरे लगाए जाएंगे। इनमें करीब 850 सीसीटीवी कैमरे हैं, जबकि अन्य एआई सुविधा वाले कैमरे हैं।
इसके अलावा ड्रोन से भी भीड़ पर नजर रखी जाएगी। कैमरे मेला क्षेत्र के अलावा सभी प्रमुख मार्गों, रेलवे एवं बस स्टेशनों, पार्किंग स्थलों आदि जगहों पर लगाए जाएंगे। इसका प्रारूप तैयार कर लिया गया है। इन कैमरों का नियंत्रण भी आईसीसीसी से होगा।
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स्मार्ट सिटी के अंतर्गत निजी एजेंसी की मदद से कैमरे लगाए जाएंगे। टेंडर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद बुधवार को एजेंसी का चयन किया गया। इसी क्रम में नगर निगम मुख्यालय में मंडलायुक्त ने बैठक कर भीड़ नियंत्रण की योजना की समीक्षा की। उन्होंने आईसीसीसी और इन कैमरों की मदद से भीड़ नियंत्रण की पूरी प्रक्रिया देखी और जरूरी निर्देश दिए।
मंडलायुक्त ने निगम मुख्यालय परिसर के अलावा रेलवे स्टेशनों का भी निरीक्षण किया। इस दौरान मेलाधिकारी विजय किरन आनंद, डीएम नवनीत सिंह चहल, नगर आयुक्त चंद्र मोहन गर्ग, अपर नगर आयुक्त दीपेंद्र यादव समेत अनेक अफसर मौजूद रहे।