मौनी अमावस्या स्नान पर्व पर संगम तट पर हुई भगदड़ में छूटा लोगों का सामान। फाइल फोटो
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मौनी अमावस्या पर हुए हादसे की जांच के लिए आई न्यायिक आयोग की टीम को महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। आयोग को एआई कैमरों की कुछ महत्वपूर्ण फुटेज हाथ लगी है जो जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित हो सकते हैं। अब तक टीम ने 30 पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज कर चुकी है। हालांकि, संगम नोज के फुटेज में कुछ सीन नहीं मिले हैं।
न्यायिक आयोग की टीम घटनास्थल का जायजा लेने के साथ ही मेला के बड़े पुलिस अफसरों से भी पूछताछ कर चुकी है। वैसे उनके लिखित बयान नहीं लिए गए हैं। लेकिन अलग-अलग कई बैठकें अफसरों के साथ हो चुकी हैं। बताया जा रहा है कि अफसरों के बयान की पुष्टि की जा रही है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक, आयोग के एक सदस्य सामान्य श्रद्धालु बनकर अलग-अलग पहलुओं के साथ ही दुकानदारों, नाविकों, पंडा समाज आदि से कई महत्वपूर्ण तथ्य एकत्र कर चुके हैं।
इसकी भनक तक मेला प्रशासन और पुलिस के अफसरों तक को नहीं लग सकी थी। टीम के सदस्य पत्नी संग आए और संगम घाट पर स्नान किया। दो से तीन घंटे तक लोगों से बातचीत कर हादसे के बारे में जानकारी एकत्रित की। कहा जा रहा है कि होली बाद न्यायिक आयोग की टीम फिर आ सकती है। सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति हर्ष कुमार की अध्यक्षता में गठित न्यायिक आयोग में रिटायर्ड आईएएस दिनेश कुमार सिंह और रिटायर्ड आईपीएस वीके गुप्ता शामिल हैं।