बच्चों ने होली गीत प्रस्तुत कर सबको किया मंत्रमुग्ध
बाल गुरुकुलम के बच्चों ने एक शिक्षाप्रद नाटक द्वारा ,जिसका शीर्षक था-' जैसी करनी वैसी भरनी'- द्वारा भावी पीढ़ी को अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए प्रेरित करने के साथ-साथ आपसी भाई-चारा, उमंग एवं उल्लास का प्रतीक त्योहार होली के गीत पर समूह-नृत्य करके सबका मन मोह लिया। मुख्य अतिथि महोदया ने कहा कि विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों, नृत्य, संगीत ,नाटकों के माध्यम से अपनी अद्भुत क्षमता का प्रदर्शन किया है। महिला शक्ति ऐसी शक्ति है जो समाज को बदलने में सक्षम है। यह शक्ति महिलाओं के अंदर होती है। साथ ही उन्होंने कहा कि नारी को सशक्त करने से पहले लड़कों को भी सशक्त करने की आवश्यकता है।
सचिव ने विद्यालय परिवार के सभी शिक्षकों और विद्यार्थियों को सफल आयोजन के लिए बधाई दी। कहा कि बच्चों द्वारा उत्साह से भरी प्रस्तुतियों ने सिद्ध कर दिया कि हमारे छात्र न केवल शैक्षणिक क्षेत्र में बल्कि सांस्कृतिक एवं रचनात्मक गतिविधियों में भी उतने ही कुशल हैं। महिलाओं को विकास प्रक्रिया से जोड़ना बहुत जरूरी है और महिला स्वावलंबन प्रशिक्षण केंद्र यह कार्य कर रहा है। यहां से प्रशिक्षण लेकर कई महिलाओं ने स्वरोजगार भी स्थापित किया है। जब महिलाओं के अंदर आत्म विश्वास होगा तभी आपसी सौहार्द और प्रेम पर आधारित एक सुंदर समाज बनेगा। कार्यक्रम का समापन बाल गुरुकुलम के संचालक त्रिभुवन नाथ ने किया।