दंगा नियंत्रण उपकरणों से रहेंगे लैस
महाकुंभ मेले के थल क्षेत्र में तैनात किए जाने वाले पीएसी के जवान दंगा नियंत्रण उपकरणों से लैस रहेंगे। उनके पास हेलमेट, फेस वाइजर, बॉडी आर्मर, गैस मास्क व राइड शील्ड होगी। इसके अलावा टियर गैस गन भी उपलब्ध रहेगी। पुलिस की तरह ही पीएसी के जवानों को भी श्रद्धालुओं से संवेदनशीलता के साथ व्यवहार किए जाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
अंडर वाटर ड्रोन, वाटर स्कूटर व फ्लोटिंग रेस्क्यू स्टेशन भी
स्नानार्थियों की सुरक्षा के लिए पीएसी व जल पुलिस को इस बार अंडर वाटर ड्रोन भी उपलब्ध कराया जाएगा। यह पानी में काफी गहराई तक जाकर वहां की वास्तविक स्थिति के बारे में जानकारी दे सकेगा। इसके अलावा इमरजेंसी की स्थिति में त्वरित रिस्पांस के लिए वाटर स्कूटर भी उपलब्ध होंगे। इनसे कुछ ही मिनटों में जवान पानी में घटनास्थल तक पहुंच सकेंगे। हादसे में त्वरित राहत के लिए दो फ्लोटिंग रेस्क्यू स्टेशन भी बनाए जाएंगे और प्रभावित व्यक्ति को यहीं प्राथमिक उपचार देने की व्यवस्था भी की जाएगी।
प्रभारी आईजी पहुंचे संगम नोज
मंगलवार को प्रभारी आईजी पीएसी ईस्ट जोन आईपीएस राजीव नारायण मिश्र संगम नोज पहुंचे। यहां उन्होंने महाकुंभ के मद्देनजर पीएसी फ्लड कंपनी व जल पुलिस के जवानों को मुहैया कराई जाने वाली लाइफ जैकेट्स का लाइव डेमो देखा। इसके साथ ही सुरक्षा व्यवस्था के संंबंध में सुझाव भी दिए। गौरतलब है कि वह 2020 से 2023 तक लगातार चार बार माघ मेले का सुरक्षित व सफल आयोजन करा चुके हैं।