बेहतरीन तस्वीर मिलने की उम्मीद
बता दें इसरो द्वारा जारी की गई उन तस्वीरों में गंगा और यमुना का संगम दिखने के साथ ही उनके रंग का अंतर भी साफ दिख रहा था। हालांकि, ब्लैक एंड व्हाइट इमेज में यमुना का जल काला और गंगा जल हल्का काला दिख रहा था। यमुना में चल रही नावें भी तस्वीर में कैद हुई थीं। इतना ही नहीं गंगा में बनाए गए पांटून पुल भी सेटेलाइट इमेज में लकीर जैसे दिखे थे। इसके अलावा ओडी फोर्ट, नया यमुना पुल, संगम के आसपास की वाटर बैरिकेडिंग आदि सब कुछ सेटेलाइट इमेज में दिखी थी।
2019 के मुकाबले इसरो अब तकनीकी रूप से कहीं ज्यादा मजबूत हो गया है। ऐसे में उम्मीद है कि महाकुंभ-2025 के दौरान इसरो की सेटेलाइट द्वारा महाकुंभ से जुड़ी बेहतरीन तस्वीरें जारी की जाएंगी। हालांकि, सुरक्षा की दृष्टि से इसरो के बारे में मेला प्रशासन अभी कुछ भी कहने से बच रहा है।