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Mahakumbh : अंतरिक्ष से भी दिखेगा महाकुंभ, इसरो की सेटेलाइट लेंगी तस्वीरें

Thu, 12 Dec 2024 06:32 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

सभी स्नान पर्वों के दौरान सेटेलाइट से महाकुंभ मेला क्षेत्र की विशेष निगहबानी भी की जाएगी। प्रयागराज महाकुंभ में इस बार 40 करोड़ लोगों के आने का अनुमान लगाया जा रहा है। कुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए राज्य सरकार ने विशेष व्यवस्था की है। खास बात यह है कि इस बार सेटेलाइट से भी महाकुंभ मेले पर नजर रखी जाएगी।
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प्रयागराज संगम। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक समागम महाकुंभ का भागीदार भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) भी बनेगा। बताया जा रहा है कि अंतरिक्ष से महाकुंभ की तस्वीरें इसरो की सेटेलाइट से ली जाएंगी। सभी स्नान पर्वों के दौरान सेटेलाइट से महाकुंभ मेला क्षेत्र की विशेष निगहबानी भी की जाएगी। प्रयागराज महाकुंभ में इस बार 40 करोड़ लोगों के आने का अनुमान लगाया जा रहा है। कुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए राज्य सरकार ने विशेष व्यवस्था की है। खास बात यह है कि इस बार सेटेलाइट से भी महाकुंभ मेले पर नजर रखी जाएगी।

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हालांकि, वर्ष 2019 में इसरो ने कुंभ की तस्वीरें ली थीं। तब 16 जनवरी को इसरो द्वारा कुंभ क्षेत्र की दो तस्वीरें जारी भी की गई थीं। उन तस्वीरों में संगम क्षेत्र और तट पर जमा लाखों श्रद्धालु दिखे थे। तब इसरो ने अपने ट्विटर अकाउंट (अब एक्स) से फोटो शेयर करते हुए लिखा था कि कुंभ मेला-2019 की दो तस्वीरें रिमोट सेंसिंग सेटेलाइट कार्टोसैट-2 से ली गई हैं, जो कुंभ के क्षेत्र को दिखा रही हैं।

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बेहतरीन तस्वीर मिलने की उम्मीद

बता दें इसरो द्वारा जारी की गई उन तस्वीरों में गंगा और यमुना का संगम दिखने के साथ ही उनके रंग का अंतर भी साफ दिख रहा था। हालांकि, ब्लैक एंड व्हाइट इमेज में यमुना का जल काला और गंगा जल हल्का काला दिख रहा था। यमुना में चल रही नावें भी तस्वीर में कैद हुई थीं। इतना ही नहीं गंगा में बनाए गए पांटून पुल भी सेटेलाइट इमेज में लकीर जैसे दिखे थे। इसके अलावा ओडी फोर्ट, नया यमुना पुल, संगम के आसपास की वाटर बैरिकेडिंग आदि सब कुछ सेटेलाइट इमेज में दिखी थी।

2019 के मुकाबले इसरो अब तकनीकी रूप से कहीं ज्यादा मजबूत हो गया है। ऐसे में उम्मीद है कि महाकुंभ-2025 के दौरान इसरो की सेटेलाइट द्वारा महाकुंभ से जुड़ी बेहतरीन तस्वीरें जारी की जाएंगी। हालांकि, सुरक्षा की दृष्टि से इसरो के बारे में मेला प्रशासन अभी कुछ भी कहने से बच रहा है।

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