गृहमंंत्री अमित शाह ने सोमवार को पूरे परिवार के साथ संगम में डुबकी लगाई और पूजा-अर्चना की। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और कई संत व मंत्री भी मौजूद रहे।
गृहमंत्री महाकुंभ नगर में सात घंटे से अधिक समय तक रहे। वह करीब साढ़े ग्यारह बजे बमरौली एयरपोर्ट पर उतरे। इस दौरान उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके 45 दिनों तक चलने वाले इस पूरे आयोजन को एकता का महाकुंभ बताया। अमित शाह ने लिखा, महाकुंभ सनातन संस्कृति की अविरल धारा का अद्वितीय प्रतीक है। यह हमारे सनातन जीवन-दर्शन और समरसता पर आधारित अखंड परंपरा को दर्शाता है। गृहमंत्री ने लिखा, आज धर्म नगरी प्रयागराज में एकता और अखंडता के इस महापर्व में संगम स्नान करने और संतजनों का आशीर्वाद लेने के लिए उत्सुक हूं।
संतों, श्रद्धालुओं को नहीं होगी किसी तरह की असुविधा
गृहमंत्री और मुख्यमंत्री ने शंकराचार्य के अलावा अखाड़ों में जाकर संतों से मुलाकात की। इसके अलावा अरैल में हेलिकॉप्टर से उतरने से लेकर अक्षयवट दर्शन तक गृहमंत्री के साथ संत मौजूद रहे। इस दौरान गृहमंत्री और मुख्यमंत्री ने संतों संग महाकुंभ आयोजन और इसकी व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही सुझाव मांगे। गृहमंत्री ने मुख्यमंत्री से सुरक्षा के बाबत भी जानकारी ली। दोनों नेताओं ने संतों को आश्वस्त किया कि महाकुंभ में संतों एवं श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा नहीं होगी। इस बाबत उन्होंने अफसरों को भी निर्देश दिए।
रहा पारिवारिक कार्यक्रम
गृहमंत्री का महाकुंभ में आने का कार्यक्रम पूरी तरह से पारिवारिक रहा और गंगा स्नान, मंदिरों में दर्शन-पूजन, संतों के दर्शन तक ही सीमित रहा। उन्होंने बैठक नहीं की। वह मीडिया से भी दूर रहे। साथ ही राजनीतिक टिप्पणियों से भी परहेज किया।