श्रद्धालुओं को 24 घंटे स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के लिए इंतजाम किए जा रहे हैं। चार सौ से अधिक चिकित्सकों के अलावा182 नर्सिंग स्टाफ, 150 वार्ड ब्वाय, 354 फार्मासिस्ट और 60 लैब टेक्नीशियन की तैनाती होगी। मेले में बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है।
68 दिवसीय महाकुंभ में पहली बार नशा मुक्ति केंद्र की स्थापना की जाएगी। इसके अलावा अस्पतालों में बच्चों-महिलाओं को 24 घंटे विशेष उपचार की सुविधा मिलेगी। इसके लिए 407 चिकित्सक और 746 पैरामेडिकल स्टॉफ नियुक्त किए जाएंगे। महिलाओं और बच्चों के के इलाज के लिए शिफ्ट वाइज गाइनेकोलॉजिस्ट और पीडियाट्रिक स्पेशलिस्ट तैनात होंगे।
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श्रद्धालुओं को 24 घंटे स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के लिए इंतजाम किए जा रहे हैं। चार सौ से अधिक चिकित्सकों के अलावा182 नर्सिंग स्टाफ, 150 वार्ड ब्वाय, 354 फार्मासिस्ट और 60 लैब टेक्नीशियन की तैनाती होगी। मेले में बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। इसे देखते हुए मेला क्षेत्र के अस्पतालों में तीन शिफ्ट में 48 महिला चिकित्सकों की तैनाती होगी। साथ ही 24 घंटे गाइनेकोलॉजिस्ट भी तैनात रहेंगी। इसके अलावा परेड में बनने वाले सेंट्रल अस्पताल में लेबर रूम की भी स्थापना की जाएगी। वहां 40 विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम तैनात रहेगी। मेला क्षेत्र में सीएचसी और पीएचसी में भी 24 घंटे आकस्मिक सेवा उपलब्ध रहेगी।
महिलाओं-बच्चों के लिए 63 बेड आरक्षित
महाकुंभ के अस्पतालों में महिलाओं और बच्चों के अलग-अलग वार्ड बनाए जाएंगे। इसके लिए छह गाइनेकोलॉजिस्ट और छह पीडियाट्रिक को शिफ्टवार तैनात किया जाएगा। 100 बेड का एक अस्थायी सेंट्रल अस्पताल बनाया जाएगा। इसमें 30 बेड महिलाओं और 10 बेड बच्चों के लिए आरक्षित किए जाएंगे। एडी हेल्थ डॉ. राकेश शर्मा के मुताबिक सब सेंट्रल अस्पतालों में 10 बेड महिलाओं और तीन बेड बच्चों के लिए आरक्षित जाएंगे। इसी तरह सेक्टर अस्पतालों में आठ बेड महिलाओं और दो बेड बच्चों के लिए रहेंगे। मेला क्षेत्र में पहली बार नशा मुक्ति केंद्र की स्थापना की जाएगी, जहां पर काउंसलर नशे के दुष्प्रभाव के बारे में बताएंगे।