काली मार्ग पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़।
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दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं से किराया वसूलने के नाम पर लूट का कारोबार चल रहा है। जिसमें सबसे ज्यादा सक्रीय बाइकर्स गिरोह है। इस गिरोह के सदस्य पुलिस की बैरिकेटिंग के पास सक्रीय रहते हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं को तीन से चार किलोमीटर की दूरी तक छोड़ने के 150 से 200 रुपये तक वसूल रहे हैं। इतना ही नहीं बाइकर्स गिरोह के अलावा महाकुंभ में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लगाई गई ग्रीन महाकुंभ बाइक वाले भी मनमाना किराया वसूलने में लगे हैं। जिसके चलते कई श्रद्धालुओं को 10 से 15 किलोमीटर का सफर पैदल ही तय करना पड़ रहा है।
पौष पूर्णिमा, मकर संक्रांति और अब मौनी अमावस्या को स्नान पर्व, कई लोगों के लिए मोटी कमाई का जरिया बन गया है। जिसमें सबसे अधिक श्रद्धालुओं को ठगने का काम बाइकर्स गिरोह के लोग कर रहे हैं। बकायदा यह गिरोह पुलिस बैरिकेटिंग के पास खड़ा रहता है। इनसे अगर थोड़ी दूर भी चलने के लिए कहो, तो 100 रुपये से कम किराए की मांग नहीं की जाती है। वहीं अगर दूरी दो किलाेमीटर से अधिक है, तो इनकी अंधी कमाई शुरू हो जाती है।
दूर-दराज से आने वाले कई श्रद्धालु इन लोगों के जाल में फंसकर मनमाना किराया देने को तैयार हो जाते हैं। इनके अलावा ग्रीन महाकुंभ के नाम पर लगे बाइक वाले भी मनमाना किराया वसूलते रहते हैं। इनके मनमाना किराया वसूलने की वजह से श्रद्धालुओं को पैदल ही सफर तय करना पड़ रहा है। संवाद