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Mahakumbh : राजसी ठाट-बाट के साथ अखाड़े करेंगे आखिरी अमृत स्नान, शुरू की गईं तैयारियां

Sun, 02 Feb 2025 08:28 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, महाकुंभ नगर (प्रयागराज)

सार

वसंत पंचमी पर कल (सोमवार) कोे अखाड़ों का अंतिम अमृत स्नान होगा। इसको लेकर अखाड़ों ने तैयारियां आरंभ कर दी हैं। श्रीमहंत एवं महंतों के साथ अखाड़ा पदाधिकारी बैठक करके अमृत स्नान की रूपरेखा तय कर रहे हैं।
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अमृत स्नान करते अखाड़े। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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वसंत पंचमी पर कल (सोमवार) कोे अखाड़ों का अंतिम अमृत स्नान होगा। इसको लेकर अखाड़ों ने तैयारियां आरंभ कर दी हैं। श्रीमहंत एवं महंतों के साथ अखाड़ा पदाधिकारी बैठक करके अमृत स्नान की रूपरेखा तय कर रहे हैं। आखिरी स्नान में महाकुंभ के दौरान महामंडलेश्वर बनाए गए संत भी रथों में सवार होकर निकलेंगे।

तीसरा अमृत स्नान के साथ ही अखाड़ों की प्रयागराज से रवानगी आरंभ हो जाएगी। अचला सप्तमी तक सभी शैव अखाड़े काशी रवाना हो जाएंगे। काशी में होली तक प्रवास करने के बाद बाबा विश्वनाथ के साथ होली खेलने के साथ उनका कुंभ पूर्ण होगा। इसके बाद सभी संन्यासी अपने-अपने स्थानों को लौट जाएंगे। मौनी अमावस्या के दौरान संगम पर हुए हादसे की वजह से दूसरा अमृत स्नान पूर्ण वैभव के साथ नहीं हो सका था।

आचार्य महामंडलेश्वर समेत साधु-संतों ने बिना लाव-लश्कर के ही स्नान किया। तीसरे स्नान के दौरान मौनी अमावस्या की कमी की भी भरपाई होगी। अखाड़ा पदाधिकारियों का कहना है बड़ी संख्या में शिष्यों की इच्छा अखाड़े के साथ स्नान की होती है। अब वसंत पंचमी पर उनका भी स्नान होगा। वहीं, महामंडलेश्वरों के शिविरों में भी जोर-शोर से तैयारी की जा रही है।

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महाकुंभ में जिनको महामंडलेश्वर बनाया गया, वह पहली दफा अपने रथों में सवार होकर अमृत स्नान में शामिल होंगे। उनके शिष्यों में खासा उत्साह है। तीसरे एवं आखिरी स्नान पर धर्म ध्वजा एवं निशान का विशेष पूजन का विधान है। इसे भी अखाड़ों में पूरा किया जाएगा।

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आखिरी स्नान के दिन ही चुने जाएंगे अष्ट कौशल

आखिरी स्नान के पश्चात ही अखाड़ों के अष्ट कौशल चुने जाएंगे जबकि सचिव का चुनाव वाराणसी में होगा। जूना अखाड़ा में अष्ट कौशल एवं सचिव का चुनाव काशी में होगा। नए चुने गए अष्ट कौशल ही अंतिम स्नान के बाद धर्म ध्वजा की तनियां ढीली करके यहां से रवानगी की औपचारिक उद्घोषणा करेंगे।

तीसरे एवं आखिरी अमृत स्नान को लेकर अखाड़ों ने अपनी तैयारियां आरंभ कर दी हैं। परंपरा एवं क्रम के मुताबिक ही तीसरे अमृत स्नान के लिए अखाड़े छावनी से निकलेंगे। - श्रीमहंत रवींद्र पुरी, अध्यक्ष, अखाड़ा परिषद

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