मेला प्रबंधन का प्रस्ताव रखना आवश्यक
महाकुंभ मेले की तिथि बढ़ाने की सोशल मीडिया पर कई तरह की अफवाहें चल रही हैं। इन अफवाहों से बचने के लिए प्रयागराज के जिलाधिकारी रविंद्र मांदड़ खुद सामने आए और उन्होंने बताया कि महाकुंभ मेले का समापन अपने निर्धारित तिथि 26 फरवरी को ही होगा। यह मुहूर्त के हिसाब से तय होता है, तिथि बढ़ाने की अफवाह नितांत भ्रामक है। उनके इस बयान से साफ है कि मेला प्रबंधन की ओर से इस तरह का कोई प्रस्ताव नहीं भेजा गया है। मेले की तारीखों को आगे भी बढ़ाना भी होता तो सबसे पहले तो मेला प्रबंधन को प्रस्ताव लाना होगा।
सुरक्षाकर्मियों को ऐसे कोई निर्देश नहीं
प्रयागराज में होने वाले महाकुंभ मेले की सुरक्षा के लिए कई सुरक्षाबल तैनात किए गए हैं। इनमें नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी), केंद्रीय रिजर्व पुलिस (सीआरपीएफ), पीएसी, होमगार्ड, पुलिस, एटीएस, एसटीएफ, और जल पुलिस शामिल है। पुलिसकर्मियों से बात करने पर उन्होंने कहा कि हमारी ड्यूटी पहले से निर्धारित तारीख तक ही है। मेले में उन्हें उसके बाद सुरक्षा प्रदान करनी है ऐसे कोई भी दिशा-निर्देश उनके पास नहीं आया है। अगर मेले को आगे बढ़ाना है तो यह बिना सुरक्षा के तो संभव नहीं है। सभी 70 से अधिक जिलों के पुलिसकर्मी यहां पर मौजूद हैं और किसी के पास भी उनकी ड्यूटी की तारीख बढ़ने संबंधी कोई निर्देश नहीं हैं।
इमरजेंसी मेडिकल स्टाफ का क्या है कहना
मेडिकल स्टाफ से संबधित एक अधिकारी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि हमारे पास इस संबंध में कोई नया निर्देश नहीं आया है। हम अपने पहले से जारी निर्देशों के अनुसार ही काम कर रहे हैं। अगर मेले की तारीखों को आगे बढ़ाया जाता तो बिना मेडिकल इमरजेंसी सुविधाओं के बगैर तो यह संभव नहीं है।
सफाईकर्मियों का क्या है कहना
मेले में गंदगी न हो इसका जिम्मा उठाने वाले एक सफाईकर्मी से भी इस संबंध में बात हुई। उनका कहना था कि वह एक ठेकेदार के माध्यम से यहां पर कार्यरत हैं। उन्हें भी 26 तारीख तक का ही ठेका दिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि उनके साथ कुछ और टोलियां भी काम कर रही थीं। उन्होंने बताया कि सेक्टर 19 और 20 में जो उनकी टोलियां काम कर रही थीं उनमें से कई टोलियां अब गांव के लिए प्रस्थान कर चुकी हैं।