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Mahakumbh 2025: मेले की तारीख बढ़ने की आखिर क्या है सच्चाई? किन कारणों से इसे आगे नहीं बढ़ाया जा सकता

Wed, 19 Feb 2025 05:32 PM IST
आकाश दुबे विक्रांत चतुर्वेदी, अमर उजाला, महाकुंभ नगर

सार

महाकुंभ मेले की तिथि बढ़ाने की सोशल मीडिया पर कई तरह की अफवाहें चल रही हैं। इन अफवाहों से बचने के लिए प्रयागराज के जिलाधिकारी रविंद्र मांदड़ खुद सामने आए और उन्होंने बताया कि महाकुंभ मेले का समापन अपने निर्धारित तिथि 26 फरवरी को ही होगा।
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महाकुंभ 2025 - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से अफवाह फैली है कि प्रयागराज महाकुंभ में भारी भीड़ को देखते हुए प्रदेश सरकार और मेला व जिला प्रशासन की ओर से मेले की तारीख को मार्च तक बढ़ा दिया गया है। महाकुंभ की तारीख को आगे बढ़ाने को लेकर सभी के मन में सवाल हैं कि आखिर ऐसा अगर किया जा सकता है तो फिर क्यों नहीं किया जा रहा। मेले की तारीख को आगे क्यों नहीं बढ़ाया जा सकता, समझते हैं इसके पीछे का कारण। एक तथ्य यह भी है कि इतिहास में इससे पहले कभी भी मेले की तारीख को आगे नहीं बढ़ाया गया है।

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एनजीटी की अनुमति जरूरी
नदियों के संरक्षण और उन्हें गंदगी से बचाने के लिए अगर कोई मेला नदी तट पर लगाया जाता है तो इसके लिए सबसे पहले एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) से अनुमति लेनी होती है। इसके साथ ही मेला प्रबंधन को यह बताना होता है कि किस तरह से नदी के प्रवाह और शुद्धता को बरकरार रखा जाएगा। उत्तर प्रदेश सरकार और मेला प्रबंधन को यह अनुमति 26 फरवरी तक के लिए ही प्राप्त है। इसके साथ ही संगम के पास का पानी काफी प्रदूषित हो चुका है। पानी को लेकर एनजीटी की एक रिपोर्ट प्रकाशित की जा चुकी है, जिसमें बताया गया है कि संगम के आसपास के पानी की गुणवत्ता काफी खराब हो चुकी है। ऐसे में अगर मेले की तारीख को आगे बढ़ाने की बात होती है तो ये देखना होगा कि क्या एनजीटी इसकी इजाजत देगा। हालांकि उनके पास अभी तक इस तरह का कोई प्रस्ताव नहीं भेजा गया है।

मेला प्रबंधन का प्रस्ताव रखना आवश्यक
महाकुंभ मेले की तिथि बढ़ाने की सोशल मीडिया पर कई तरह की अफवाहें चल रही हैं। इन अफवाहों से बचने के लिए प्रयागराज के जिलाधिकारी रविंद्र मांदड़ खुद सामने आए और उन्होंने बताया कि महाकुंभ मेले का समापन अपने निर्धारित तिथि 26 फरवरी को ही होगा। यह मुहूर्त के हिसाब से तय होता है, तिथि बढ़ाने की अफवाह नितांत भ्रामक है। उनके इस बयान से साफ है कि मेला प्रबंधन की ओर से इस तरह का कोई प्रस्ताव नहीं भेजा गया है। मेले की तारीखों को आगे भी बढ़ाना भी होता तो सबसे पहले तो मेला प्रबंधन को प्रस्ताव लाना होगा।

सुरक्षाकर्मियों को ऐसे कोई निर्देश नहीं 
प्रयागराज में होने वाले महाकुंभ मेले की सुरक्षा के लिए कई सुरक्षाबल तैनात किए गए हैं। इनमें नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी), केंद्रीय रिजर्व पुलिस (सीआरपीएफ), पीएसी, होमगार्ड, पुलिस, एटीएस, एसटीएफ, और जल पुलिस शामिल है। पुलिसकर्मियों से बात करने पर उन्होंने कहा कि हमारी ड्यूटी पहले से निर्धारित तारीख तक ही है। मेले में उन्हें उसके बाद सुरक्षा प्रदान करनी है ऐसे कोई भी दिशा-निर्देश उनके पास नहीं आया है। अगर मेले को आगे बढ़ाना है तो यह बिना सुरक्षा के तो संभव नहीं है। सभी 70 से अधिक जिलों के पुलिसकर्मी यहां पर मौजूद हैं और किसी के पास भी उनकी ड्यूटी की तारीख बढ़ने संबंधी कोई निर्देश नहीं हैं।

इमरजेंसी मेडिकल स्टाफ का क्या है कहना
मेडिकल स्टाफ से संबधित एक अधिकारी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि हमारे पास इस संबंध में कोई नया निर्देश नहीं आया है। हम अपने पहले से जारी निर्देशों के अनुसार ही काम कर रहे हैं। अगर मेले की तारीखों को आगे बढ़ाया जाता तो बिना मेडिकल इमरजेंसी सुविधाओं के बगैर तो यह संभव नहीं है।
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सफाईकर्मियों का क्या है कहना
मेले में गंदगी न हो इसका जिम्मा उठाने वाले एक सफाईकर्मी से भी इस संबंध में बात हुई। उनका कहना था कि वह एक ठेकेदार के माध्यम से यहां पर कार्यरत हैं। उन्हें भी 26 तारीख तक का ही ठेका दिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि उनके साथ कुछ और टोलियां भी काम कर रही थीं। उन्होंने बताया कि सेक्टर 19 और 20 में जो उनकी टोलियां काम कर रही थीं उनमें से कई टोलियां अब गांव के लिए प्रस्थान कर चुकी हैं।
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