महाकुंभ का क्रेज भारत में ही नहीं यूरोप में भी है। यूरोप के इटली से आए तीन दोस्तों को ही देखें, वह भारतीय संस्कृति से इतना प्रभावित हुए कि संन्यासी का रूप धारण कर लिया। इन युवकों में से एक ने कहा कि उसे यहां आकर ऐसा एहसास हो रहा है कि जैसे पिछले जन्म में वह इंडियन ही था।
महाकुंभ मेले की भव्यता और दिव्यता को निहारने के लिए विदेशी सैलानी लगातार यहां पहुंच रहे हैं। इटली से आए ऐसे ही तीन युवक महाकुंभ की भव्यता से खासे प्रभावित हुए। इसमें से एक युवक पीटरों ने बातचीत में बताया कि मैं योगा का प्रैक्टिशनर हूं।
योग भारत से ही पूरे विश्व में फैला। इस वजह से मुझे भारतीय संस्कृति के बारे में कुछ-कुछ जानकारी है। महाकुंभ मेला सनातन धर्म का सबसे बड़ा आयोजन है। यह पहला अवसर है जब मैं मेला घूमने आया हूं।
मेरे दोस्त यहां आने की योजना बना रहे थे तो मैं भी शामिल हो गया। इसी तरह एक अन्य युवक स्टीफेनी ने कहा कि मैं भी पहली बार कुंभ देख रहा हूं। रूस के रहने वाले मेरे कुछ साधु मित्रों ने मुझे कुंभ के बारे में बताया था। वे भारत में आकर नागा साधु बन चुके हैं।