वीआईपी पर्यटकों और शीर्ष संतों के लिए अरैल साइड में अनंत माधव और चक्र माधव पांटून पुल पहली बार बनाए जाएंगे। सोमेश्वर महादेव के आगे से लेकर फाफामऊ के बीच तंबुओं का शहर बसाया जाएगा। अरैल साइड में ही सौ हेक्टेयर में दो हजार क्षमता की डिलक्स और महाराजा कॉटेज वाली सुविधाओं से युक्त टेंट सिटी का निर्माण होगा। टेंट सिटी के लिए पहली बार टेंट सिटी पांटून पुल बनाने का भी प्रस्ताव है। मोरी पांटून पुल, हरिश्चंद्र पांटून, भरद्वाज पांटून पुल, गंगेश्वर पांटून पुल, वल्लभाचार्य पांटून पुल, बजरंगदास पांटून पुल, कैलाशपुरी पांटून पुल बनाए जाएंगे।
वेणी माधव-बिंदु माधव के नाम पर चकर्ड प्लेट मार्गों का होगा नामकरण
भीड़ के दौरान श्रद्धालुओं को मेला क्षेत्र से बाहर निकालने के लिए तीन अतिरिक्त पांटून पुल बनेंगे। इसी तरह चकर्ड प्लेट मार्गों के भी नामकरण किए गए हैं। संगम लोअर मार्ग के अलावा मुक्ति मार्ग, हर्षवर्धन मार्ग, शंकराचार्य मार्ग, तुलसी मार्ग, गोविंद मार्ग, अन्नपूर्णा मार्ग, वेणी माधव, बिंदु माधव, आदि माधव, शंख माधव, पद्म माधव, गदा माधव के नाम से भी मार्ग बनाए जाएंंगे। पहली बार महाकुंभ में सोमेश्वर माधव मार्ग बनेगा। संकष्टहरण मार्ग, मनकामेश्वर, नारायण प्रभु, सरस्वती मार्ग, अलोपशंकरी मार्ग भी बनाए जाएंगे।
चकर्ड प्लेट और पांटून की डिमांड 15 दिन में प्रस्तुत करने का दिया निर्देश
महाकुंभ -2025 के तहत चकर्ड प्लेट्स और पांटून की डिमांड का आकलन कर 15 दिन में प्रस्ताव प्रस्तुत करने के लिए मेलाधिकारी ने पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता विजय कन्नौजिया को निर्देशित किया। एयरपोर्ट रोड पर ग्रीन बेल्ट विकसित करते हुए यूटिलिटी शिफ्टिंग कराने , लटकते हुए तारों को हटाने, सड़क किनारे बेंच लगाने के साथ सर्किट हाउस के नवीनीकरण का भी प्रस्ताव तैयार कराने के लिए कहा।