बूटा पति के साथ रो-रोकर भीड़ के बीच बेटी को ढूंढती रही। उधर, पुआल पर भीड़ के बीच पड़ी परी भी चीखती रही। भीड़ के बीच किसी ने भटकी मासूम के बारे में सिविल डिफेंस के शिविर में जानकारी दी। सिविल डिफेंस के स्टाफ आफीसर रवि शंकर द्विवेदी, ज्ञानेश्वर शर्मा, शिवम पांडेय, सुनील गुप्ता भीड़ नियंत्रण करते हुए बच्ची के पास पहुंचे और उसे उठाकर शिविर लाया गया। वहां मेला प्रशासन के भूले बिसरे शिविर से परी के बिछड़ने की सूचना प्रसारित की जाने लगी। कई बाद माइक से उसकी रोते हुए आवाज भी सुनाई गई। इसके घंटे भर बाद बूटा किसी तरह शिविर में पहुंचकर परी से मिली तो उसकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
पांच सौ से अधिक श्रद्धालु अपनों से बिछड़कर मिले
मकर संक्रांति पर संगम नोज समेत मेले के सभी पांच सेक्टर में बने स्नान घाटों पर शाम तक पांच सौ से अधिक लोग अपनों से बिछड़ गए। उन्हें भूले भटके शिविर के केंद्रीय प्रसारण कक्ष की मदद से अपनों से मिलाया जा सका।