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माघ मेला : पीआरवी की तर्ज पर संगम में भी इमरजेंसी रिस्पांस बोट, आपात स्थिति से निपटने में मिलेगी मदद

Thu, 08 Feb 2024 01:38 PM IST
विनोद सिंह अमर उजला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

संगम नोज पर ऐसी दो इमरजेंसी रिस्पांस बोट पर पीआरवी टीम की तैनाती की गई है। यह डायल 112 की तरह ही काम करेंगी। प्रत्येक बोट पर तीन पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। इनमें से एक ड्राइवर और दो जल पुलिस के प्रशिक्षित पुलिसकर्मी शामिल होंगे। यह स्कूटर बोट पर तैनात होंगे जो पानी में बेहद तेज गति से चलती है।
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माघ मेले में जल में भी यूपी पुलिस की पीआरवी 112 नंबर तैनात। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सड़कों पर डायल 112 की गाड़ियां तो आप रोज देखते होंगे। अब संगम में इसी तर्ज पर इमरजेंसी रिस्पांस बोट काम करेंगी। मौनी अमावस्या पर स्नानार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए प्रयागराज कमिश्नरेट पुलिस व यूपी 112 ने संयुक्त पहल कर यह व्यवस्था की है। इन नावों को भी पीआरवी(प्राइमरी रिस्पांस व्हीकल) ही कहा जाएगा जिन पर तैनात टीम किसी भी आपात स्थिति में फौरन पीड़ित की मदद को पहुंचेंगी।

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फिलहाल, संगम नोज पर ऐसी दो इमरजेंसी रिस्पांस बोट पर पीआरवी टीम की तैनाती की गई है। यह डायल 112 की तरह ही काम करेंगी। प्रत्येक बोट पर तीन पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। इनमें से एक ड्राइवर और दो जल पुलिस के प्रशिक्षित पुलिसकर्मी शामिल होंगे। यह स्कूटर बोट पर तैनात होंगे जो पानी में बेहद तेज गति से चलती है।
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इमरजेंसी रिस्पांस बोट भी डायल 112 के चार व दो पहिया वाहनों की तरह ही मोबाइल डाटा टर्मिनल(एमडीटी) से लैस की गई हैं। यह एक ऐसा उपकरण है, जिसके जरिए डायल 112 कंट्रोल रूम में आने वाली सूचनाओं को संबंधित पीआरवी तक भेजा जाता है।

एमडीटी में सूचना के संक्षिप्त विवरण के साथ ही शिकायकर्ता का मोबाइल नंबर भी होता है, ताकि पीआरवी पर तैनात जवान तत्काल उससे संपर्क करें। साथ ही यह जीपीएस सुविधा से भी लैस होता है, जिसके जरिये पीआरवी के जवान शिकायतकर्ता की लोकेशन भी ट्रेस कर लेते हैं।

पुलिस आयुक्त की पहल पर व्यवस्था

पीआरवी की तर्ज पर संगम में इमरजेंसी रिस्पांस बोट की व्यवस्था पुलिस आयुक्त रमित शर्मा की पहल पर हुई। मौनी अमावस्या पर करोड़ों स्नानार्थियों की भीड़ संगम स्नान के लिए उमड़ती है। स्नानार्थियों का रेला रात से ही संगम नोज पर पहुंचने लगता है। इसे देखते हुए जल में भी पुख्ता सुरक्षा प्रबंध की दरकार थी। ऐसे में उनकी ओर से ही इस संबंध में योजना बनाई गई और इसे यूपी 112 मुख्यालय से साझा किया गया। मुख्यालय की ओर से भी इसे हरी झंडी दिखा दी गई और मौनी अमावस्या से दो दिन पहले ही संगम में इमरजेंसी रिस्पांस बोट की तैनाती कर दी गई।

संगम क्षेत्र में 45 पीआरवी, 200 से ज्यादा जवान

माघ मेले में यूपी 112 की 45 पीआरवी पहले से तैनात हैं। इनमें 20 चार पहिया, जबकि 25 दोपहिया वाहन शामिल हैं। चार पहिया वाहनों में तीन,जबकि दो पहिया में दो जवानों की तैनाती है। इन पर 200 से ज्यादा जवान लगातार अलग-अलग शिफ्टों में 24 घंटे मेला क्षेत्र में मुस्तैद रहकर स्नानार्थियों की सुरक्षा में तैनात हैं। माघ मेला, डायल 112 कंट्रोल रूम प्रभारी इंस्पेक्टर रामवृक्ष यादव ने बताया कि पीआरवी टीमों की सजगता और बेहतर समन्वय के लिए राेजाना रैंडम चेकिंग भी की जाती है।

यह पहली बार है जब जल पुलिस के साथ ही संगम में डायल 112 की पीआरवी के रूप में इमरजेंसी रिस्पांस बोट की व्यवस्था की गई है। यूपी 112 की टीम प्रयागराज कमिश्नरेट व माघ मेला पुलिस के साथ मिलकर स्नानार्थियों की सुरक्षा व सहायता के लिए लगातार तत्पर है। - नीरा रावत, एडीजी यूपी 112
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मदद मांगने में भाषा नहीं बनेगी बाधक

माघ मेले में गैर हिंदी भाषी प्रदेशों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए मदद मांगने में भाषा की बाधा न आए, यूपी 112 की ओर से इसकी भी व्यवस्था की गई है। इसके लिए सभी पीआरवी में उपलब्ध कराए गए एमडीटी में ‘भाषिनी’ मोबाइल एप इंस्टाल कराए गए हैं। इस एप के जरिए किसी भी भाषा में मांगी गई मदद का अनुवाद हिंदी में किया जा सकता है। जैसे अगर किसी अन्य भाषा में मदद के लिए कॉल करने वाले व्यक्ति से पहले यह जानकारी ली जाएगी कि वह किस भाषा में बोल रहा है। इसके बाद उसकी कही बात को रिकॉर्ड कर एप के जरिए हिंदी में अनुवाद किया जाएगा और फिर उसे तत्काल मदद पहुंचाई जाएगी।
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