मकर संक्रांति से आने लगेंगे श्रद्धालु
श्रद्धालु अपने शिविरों में कल्पवास की तैयारियां कर संक्रांति से डेरा जमाना शुरू कर देंगे। लेकिन, अभी तक समूहों में कल्पवासियों को बसाने वाली सबसे बड़ी संस्था प्रयागवाल सभा के तीन सौ से अधिक पुरोहितों को भूमि आवंटित नहीं हो सकी है। इससे कल्पवासी शिविरों को बसाने का काम पिछड़ने की आशंका है। इस बार माघ मेला 54 दिन का होगा जो मकर संक्रांति से शुरू होकर महाशिवरात्रि तक चलेगा।
प्रयागवाल सभा अखिल भारतीय दंडी संन्यासी परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष पीठाधीश्वर स्वामी ब्रह्माश्रम महराज ने बताया कि इस माघ मेला और कल्पवास थोड़ा पिछड़ गया है, क्योंकि पौष पूर्णिमा मकर संक्रांति के बाद पड़ रही है। कल्पवास मकर संक्रांति से शुरू होने जा रहा है ऐसे में कल्पवासी माघ मेला क्षेत्र में 10-12 जनवरी से पहुंचने लगेंगे। वह लोग अपने शिविर को व्यवस्थित करके कल्पवास शुरू कर देंगे। जबकि, शेष कल्पवासी 20 जनवरी तक माघ मेला क्षेत्र में लगे शिविरों में पहुंचेंगे।