prayagraj news : माघ मेले की तैयारी जोरशोर से चल रही है।
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एक तरफ तैयारियां पिछड़ने से मेला प्रशासन हांफ रहा है, दूसरी ओर एलाइनमेंट गलत होने की वजह से रविवार को त्रिवेणी पांटून पुल को तोड़ना पड़ गया। 75 फीसदी काम पूरा होने की वजह से इस पुल का निर्माण सबसे पहले होने की उम्मीद थी। लेकिन, अब इस पुल का निर्माण और पिछड़ गया है। इस बीच मेला प्रशासन ने संतों के आगमन को देखते हुए तीन पांटून पुल महावीर, काली और गंगोली शिवाला को 23 दिसंबर तक हस्तांरित करने के लिए हिदायत दी है।
दरअसल शंकराचार्यों के अलावा प्रमुख धार्मिक संस्थाओं में खाक चौक, दंडीबाड़ा, आचार्यबाड़ा को जोड़ने वाले त्रिवेणी मार्ग पर पांटून पुल का निर्माण सबसे पहले होना था। इसके लिए 10 दिसंबर को गंगा पूजन के साथ ही एलाइनमेंट करा दिया गया था। रविवार को पता चला कि जहां अस्पताल बनान का प्रस्ताव है, वहां गलत एलाइनमेंट की वजह से त्रिवेणी पुल का 75 फीसदी निर्माण करा दिया गया है।
गलत एलाइनमेंट की वजह से पुल टेढ़ा भी हो गया था। जानकारी मिलने के बाद अफसर मौके पर पहुंचे तो पता चला कि पुल जहां बनना था, वहां नहीं बन रहा है। इसके बाद आनन-फानन में पुल तोड़कर सही एलाइनमेंट के आधार पर निर्माण कराने का निर्देश दिया गया। त्रिवेणी पुल के सहायक अभियंता धनीराम वर्मा ने बताया कि पुल का एलाइनमेंट सही कर लिया गया है,लेकिन दो दिन का और पिछड़ गया। अब त्रिवेणी पुल 30 दिसंबर तक बनकर तैयार होने की उम्मीद है।