फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मदरसा छात्रवृत्ति घोटाला: आरोपी लिपिक के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक

Fri, 26 Apr 2024 04:21 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

मेरठ में वर्ष 2011 में सरकार की ओर से मदरसा प्रबंधकों के खाते में चार करोड़ रुपये छात्रवृत्ति के मद में भेजे गए थे। इसके वितरण में बरती गई अनियमितताओं के आरोप में तत्कालीन जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सुमन गौतम और याची संजय त्यागी समेत कई मदरसा संचालकों के खिलाफ करीब 98 मुकदमे दर्ज किए गए थे।
विज्ञापन
इलाहाबाद हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तेरह वर्ष पहले मेरठ के मदरसे में हुए छात्रवृत्ति घोटाले के आरोपी जिला अल्पसंख्यक कार्यालय के वरिष्ठ लिपिक संजय त्यागी के खिलाफ जारी आपराधिक कार्रवाई पर रोक लगा दी है।

विज्ञापन

न्यायमूर्ति संजय कुमार सिंह की कोर्ट ने याची संजय त्यागी की ओर से ट्रायल कोर्ट ने चल रही आपराधिक कार्रवाई को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए सरकार से चार सप्ताह में जवाब तलब किया है। अगली सुनवाई दो जुलाई को होगी।

मेरठ में वर्ष 2011 में सरकार की ओर से मदरसा प्रबंधकों के खाते में चार करोड़ रुपये छात्रवृत्ति के मद में भेजे गए थे। इसके वितरण में बरती गई अनियमितताओं के आरोप में तत्कालीन जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सुमन गौतम और याची संजय त्यागी समेत कई मदरसा संचालकों के खिलाफ करीब 98 मुकदमे दर्ज किए गए थे। मामले की जांच आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन मेरठ ने की थी।
विज्ञापन


याची के अधिवक्ता सुनील चौधरी ने दलील दी कि मामले की दो बार हुई विभागीय जांच और विजिलेंस जांच में एजेंसियों ने स्वीकार किया कि शासकीय धन के गबन का आरोप साबित नहीं हो रहा है, फिर भी मामले को जांच एजेंसी ने विचारण के लिए ट्रायल कोर्ट में भेज दिया। आपराधिक कार्रवाई अवैधानिक रूप से शुरू हो गई। मामले में तत्कालीन जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सुमन गौतम के मामले में हाईकोर्ट ने आपराधिक कार्रवाई पर स्थगन आदेश पारित किया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें