prayagraj news : छोटा बघाड़ा में आरोबी निर्माण के लिए पहुंचीं मशीनें।
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मम्फोडगंज से बड़ा बघाड़ा (सलोरी) तक बनने वाले आरओबी के निर्माण कार्य में सोमवार को तेजी आ गई। पायल टेस्टिंग के लिए मौके पर बोरिंग मशीन लगाकर खुदाई गई। कुल पांच पायल की टेस्टिंग होनी है। पहले दिन एक पायल की टेस्टिंग के लिए खुदाई का काम पूरा कर लिया गया है। मंगलवार को दूसरे के लिए काम शुरू किया जाएगा। पायल टेस्टिंग के दौरान आरओबी के लिए बनने वाले पिलर्स पर पड़ने वाले लोड का पता लगाया जाएगा।
परियोजना के प्रोजेक्ट मैनेजर एसपी बागड़ी ने बताया कि परियोजना के अंतर्गत सबसे पहले रेलवे के हिस्से का काम कराया जाना है। उसी के लिए पायल टेस्टिंग की जा रही है। फाफामउ-प्रतापगढ़ रेलवे क्रासिंग के दोनों तरफ कुल पांच पायलों की टेस्टिंग होनी है। सोमवार को एक पायल की टेस्टिंग का काम पूरा किया गया है। बाकी, चार पायलों की टेस्टिंग का काम इसी हफ्ते पूरा किया जाएगा। टेस्टिंग में लोड का पता चलने के बाद पिलरों की डिजाइन तैयार कर की जाएगी। उसके बाद स्थायी काम शुरू होगा। रेलवे की टीम भी इस काम में लगी हुई है।
प्रोजेक्ट मैनेजर के मुताबिक रेलवे का काम भी सेतु निगम द्वारा ही किया जाना है। इसलिए पहले रेलवे के हिस्से का काम शुरू हुआ है। रेलवे का काम पहले होने से आरओबी के बाकी हिस्से का काम करना आसान हो जाएगा। क्योंकि, आरओबी की सबसे अधिक ऊंचाई रेलवे क्रासिंग पर ही होगी।
इस परियोजना का शिलान्यास एवं भूमिपूजन डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने नौ जनवरी को ही कर दिया था। जबकि, शासन की ओर से इसकी वित्तिय स्वीकृति पहले ही मिल चुकी है। परियोजना में खर्च होने वाले कुल बजट (तकरीबन साढ़े बावन करोड़ रुपये) के मुकाबले शासन की ओर से पांच करोड़ रूपये आवंटित भी किए जा चुके हैं। हालांकि, सेना की ओर से आरओबी निर्माण के लिए अभी अंतिम स्वीकृति नहीं मिली है। लेकिन, सेतु निगम के अफसरों के मुताबिक मामला रक्षा मंत्रालय के पास है। जल्द ही स्वीकृति मिल जाएगी।
नहीं मिली जमीन, सेना को दिया जाएगा 46.63 करेाड़ का मुआवजा
सलोरी आरओबी के निर्माण में प्रयोग में लाई जाने वाली भूमि के बदले 46.63 करोड़ रूपये का मुआवजा सेना को दिया जाएगा। सेना ने पहले भूमि के बदले भूमि देने की मांग की थी। जिला प्रशासन के अफसरों ने सोरांव इलाके में सेना को भूमि दिखाई थी लेकिन शहर से दूर होने के कारण सेना ने उसे लेने से मना कर दिया। सेना ने अब अपनी भूमि के बदले पैसे की मांग की है। सेतु निगम के अधिकारियों के मुताबिक सेना को इसके लिए 46.63 करोड़ का मुआवजा दिया जाएगा।