उर्दू अदब की कथालेखिका डॉ.शाइस्ता फाखरी के खाते में एक और उपलब्धि आई है। महिलाओं के जीवन के विविध पहलुओं पर केंद्रित उनके चर्चित कहानी संग्रह ’वस्फ पैगंबरी ना मांग’ पर हैदराबाद में एमफिल हुई है। हैदराबाद युनिवर्सिटी की उर्दू विभाग की प्रो. डॉ.रसिया बेगम के निर्देशन में शोध छात्रा शाहिदा ने एमफिल पूरा किया है। तमाम पहलुओं से शोध के बाद शाहिदा की किताब ‘शाइस्ता फाखरी के अफसानवी मजमुए का तनकीदी मुतआला’ नाम से प्रकाशित हुई है।
आकाशवाणी में उद्घोषिका शाइस्ता का यह तीसरा कहानी संग्रह है, जिसमें महिलाओं के जीवन पर केंद्रित चौदह कहानियां शामिल हैं। सभी किरदार अपने वजूद की लड़ाई में जूझते हुए कामयाबी की सीढ़ियां चढ़ती हैं। उनकी कहानियों की महिला किरदार भीड़ में होते हुए भी भीड़ से अलग अपनी शिनाख्त करवाती है। गौरतलब है कि इस संग्रह पर शाइस्ता को बिहार उर्दू एकेडेमी से बीस हजार रुपये और उत्तर प्रदेश उर्दू एकेडेमी से पच्चीस हजार रुपये का पुरस्कार हासिल हो चुका है। उनकी कामयाबी पर अनेक रचनाकारों ने उन्हें मुबारकबाद दी है।