11 फरवरी की रात हुई थी गायब
परिवारवालों ने बताया कि उनकी बेटी 11 फरवरी की रात घर से गायब हुई थी। वह शादीशुदा थी और मां के बीमार होने पर 10 दिन पहले ही ससुराल से मायके आई थी। पिछले साल जुलाई में उसकी शादी कन्नौज के गोसाईगंज निवासी युवक से की गई थी। पिता का आरोप है कि शमशाद बेटी को ससुराल में भी फोन कर परेशान करता था। कई बार दामाद ने फोन पर ही उसे समझाया भी था।
बेटी का शव देख फूट-फूटकर रोया पिता
सुबह हरदोई से पहुंचे मृतका के पिता बेटी का शव देख फूट-फूटकर रोने लगा। साथ मौजूद मृतका का भाई भी बिलखता रहा। मृतका पिता की आठ संतानों में तीसरे नंबर पर थी। शाम को पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर हरदोई के लिए रवाना हो गए।
कुछ दिन अजमेर में भी रहे थे दोनों
उधर अस्पताल में भर्ती शमशाद ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि हरदोई से निकलने के बाद वह युवती को लेकर अजमेर चला गया था। जहां चार-पांच दिन रहने के बाद दोनों शादी करने प्रयागराज आए। यहां हाईकोर्ट के पास पहुंचकर एक वकील से बात की। लेकिन युवती के शादीशुदा होने की बात पर बताया गया कि बिना तलाक लिए शादी नहीं हो सकती। इसी से परेशान होकर दोनों ने जान देने का फैसला किया और सल्फास खा लिया। सल्फास खाते ही वह बेसुध हो गया और फिर होश आने पर खुद को अस्पताल में पाया।
...तो क्या पहले ही कर ली थी प्लानिंग?
इस मामले में एक बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रेमी युगल ने पहले से ही जान देने की योजना बना ली थी। इसलिए क्योंकि हाईकोर्ट के पास पहुंचने से पहले ही उनके पास सल्फास मौजूद था। यहां पहुंचकर वह सीधे हाईकोर्ट के पास स्थित चौराहे पर पहुंचे थे। पुलिस का भी यही कहना है कि अस्पताल में भर्ती युवक ने पूछने पर यही बताया था कि उसके पास पहले से सल्फास था।