prayagraj news : संगम की रेती पर पंच अग्नि तपस्या कर रहे संन्यासी।
- फोटो : prayagraj
महावीर पांटून पुल पार होने के बाद खाक चौक के तपस्वीनगर में दो सौ से अधिक संतों ने अग्नि तपस्या आरंभ की। समूहों में एक साथ कई संत अग्नि के घेरे में सिर पर घड़ा रखकर ध्यान मग्न नजर आए। वसंत पंचमी पर संगम में पुण्य की डुबकी लगाने के बाद सर्व मंगल और लोक कल्याण की कामना से तपस्वी संतों ने पंच अग्नि साधना आरंभ की है।
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इस तरह छह प्रकार की अग्नि साधना तपस्वीनगर में माघी पूर्णिमा तक चलेगी। युवा तपस्वी संत गोपाल दास बताते हैं कि संगम पर माघ मेले में आने वाले संतों ने पूरे जीव जगत के कल्याण के लिए पंच अग्नि तप का संकल्प लिया है। इस तपस्या के दौरान सुबह से शाम तक संत नियमित साधना करेंगे।
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गंगा दशहरा पर हवन- पूजन कर धुनी को गंगा में विसर्जित किया जाएगा। तपस्या किसी कारण से अगर भंग हो जाती है तो अगले वर्ष नए सिरे से संकल्प से उसे आरंभ करना होता है। तपस्वीनगर में इस बार चौरासी अग्नि, द्वादश अग्नि, कोटि अग्नि और कोटि खप्पर अग्नि की भी साधना की जा रही है।