भगवान को स्वस्थ करने के लिए भगवान को काढ़े का भोग लगाया जाएगा। इसके चलते मंदिर का पट बंद रहेगा और श्रद्धालुओं के लिए 14 दिन दर्शन पूजन पूरी तरह से वर्जित रहेगा।
शहर के कीडगंज में नए पुल के बगल जगन्नाथ मंदिर में भगवान जगन्नाथ को स्नान कराने के बाद भोग आरती की गई। 108 घड़ों में भरे गए विभिन्न नदियों के पवित्र जल से भगवान को स्नान कराया गया। भगवान जगन्नाथ जी स्नान के बाद एक सप्ताह के लिए बीमार हो जाएंगे। भगवान को स्वस्थ करने के लिए भगवान को काढ़े का भोग लगाया जाएगा। इसके चलते मंदिर का पट बंद रहेगा और श्रद्धालुओं के लिए 14 दिन दर्शन पूजन पूरी तरह से वर्जित रहेगा। भगवान के स्वस्थ होने के बाद छह जुलाई को पट खुलेगा और भगवान सात जुलाई को नंदी पर सवार होकर नगर भ्रमण के लिए निकलेंगे। भगवान के नगर भ्रमण को लेकर भक्त काफी उत्साहित हैं और नगर में स्वागत के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
श्री जगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव समिति की ओर से 21 जनवरी को शोभायात्रा निकाली गई। श्रेष्ठ पूर्णिमा के शुभ अवसर पर श्री जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और भगवान वल्लभद्र को इत्र और औषधियुक्त 108 घड़ों के जल से प्रातकाल स्नान कराया गया। इसके बाद सायं 7 बजे महिला मंडल की अध्यक्ष उमा गुप्ता और प्रीति रावत के द्वारा भजन संध्या के कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें समिति के अध्यक्ष हरिशचन्द्र गुप्त के साथ कई लाेग इस दाैरान उपस्थित रहे।