यहां सिविल लाइंस स्थित चित्रगुप्त मंदिर में प्रिया पटेल नाम की युवती से बेटे का विवाह संपन्न हुआ। इससे पहले उनसे शादी व अन्य खर्चों के नाम पर 1.25 लाख रुपये ऑनलाइन और 50 हजार रुपये नकद लिए गए। शादी के बाद वह बेटे समेत दुल्हन को लेकर लौटने लगे तो खुद को दुल्हन की मां बताने वाली महिला भी गाड़ी में यह कहकर बैठ गई कि वह रास्ते में उतर जाएगी। इसके बाद वे पानी की टंकी ओवरब्रिज के नीचे पहुंचे थे, तभी तीन मोटरसाइकिल से आए चार युवकों व दो महिलाओं ने कार रोक ली। इनमें से खुद को अमन बताने वाले युवक ने कहा कि दुल्हन उसकी प्रेमिका है और वह उसे लेकर जाने लगा। उन्होंने विरोध किया, लेकिन दुल्हन और खुद को उसकी मां बताने वाली महिला भी उनके साथ हो गई।
प्रकरण की जानकारी के बाद हरकत में आई खुल्दाबाद पुलिस ने उन नंबरों को सर्विलांस पर लगवाया जिनके जरिए गिरोह के सदस्यों से उनकी बातचीत हुई थी। सबसे पहले गिरोह की सरगना नेहा ( असली नाम प्रीति) और फिर गैंग के छह अन्य सदस्यों को पकड़ लिया गया। एडीसीपी अभिजीत कुमार ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि शादी के नाम पर ठगी करने का उनका पूरा गैंग हैै। शिकायतकर्ता से रकम ऐंठने की बात भी उन्होंने स्वीकार किया। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
नकली दुल्हन, फर्जी दस्तावेज और असली ठगी
आरोपियों से पुलिस की पूछताछ में गैंग की मॉडस ऑपरेंडी का भी खुलासा हुआ। एडीसीपी ने बताया कि गैंग के निशाने पर अधिकांश राजस्थान के युवक होते थे, क्योंकि महिला-पुरुष लिंगानुपात कम होने की वजह से वहां शादी के लिए युवतियां मुश्किल से मिलती हैं।
उन्होंने बताया कि कुछ मामलों में ऐसा भी हुआ कि शादी के बाद दुल्हन ससुराल गई और कुछ दिनों बाद नकदी व गहने समेत अन्य कीमती सामान समेटकर निकल भागी। कई बार गैंग की महिला सदस्य मां-बाप की तबियत खराब या अन्य किसी बहाने से दुल्हन को ले आते थे और फिर वह वापस नहीं जाती थी। दबाव बनाने पर मुकदमा दर्ज कराने की धमकी देकर दूल्हे व उसके परिवार को शांत करा देते थे। एडीसीपी नगर के मुताबिक, गिरफ्तार की गई गैंग की सरगना प्रीति पिछले साल अगस्त में भी ऐसे ही मामले में पकड़ी जा चुकी है।