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जस्टिस रवींद्र सिंह नहीं बनेंगे लोकायुक्त

Sat, 19 Sep 2015 01:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद। हाईकोर्ट के अवकाश प्राप्त न्यायमूर्ति रवींद्र सिंह लोकायुक्त नहीं बनेंगे। उन्होंने स्वयं मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इस पद के अनिच्छा जताई है। अनुरोध किया है कि लोकायुक्त पद के लिए उनके नाम पर विचार न किया जाए। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को लिखे पत्र में उन्होंने कहा है कि लोकायुक्त पद को लेकर पैदा हुए विवादों को देखते हुए मैं अपना नाम इस पद के लिए वापस लेना उचित समझता हूं। उन्होंने अनुरोध किया है इस पद के  लिए उनके नाम पर विचार न किया जाए।
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उल्लेखनीय है कि लोकायुक्त पद पर न्यायमूर्ति रवींद्र सिंह की नियुक्ति को लेकर सरकार, न्यायपालिका और राज्यपाल के बीच गत दिनों विवाद की स्थिति पैदा हो गई थी। मुख्य न्यायमूर्ति द्वारा जस्टिस रवींद्र सिंह के नाम पर सहमति नहीं जताने के बाद सरकार उन्हीं को लोकायुक्त बनाने पर अड़ गई। बिना मुख्य न्यायमूर्ति की सहमति उनके नाम की सिफारिश तीन बार राजभवन से की गई मगर हर बार राज्यपाल रामनाईक ने प्रक्रिया पूरी नहीं करने के आधार पर फाइल लौटा दी।

इसके बाद प्रदेश सरकार ने लोकायुक्त नियुक्ति की प्रक्रिया में संशोधन करके मुख्य न्यायमूर्ति की भूमिका ही समाप्त करने की कोशिश कर डाली। सरकार ने दोनों सदनों से विधेयक पारित कर मुख्य न्यायमूर्ति की भूमिका समाप्त कर दी मगर इस इस विधेयक को भी राज्यपाल की मंजूरी नहीं मिल सकी और बिल राजभवन में ही रोक लिया गया है।
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सूत्रों का कहना है कि जस्टिस रवींद्र सिंह को ही लोकायुक्त बनाने की इस कोशिश को भी झटका लगने के बाद सरकार ने अपना कदम वापस लेते हुए पुराने नियम से लोकायुक्त की नियुक्ति करने का फैसला लिया है। नए लोकायुक्त के नाम पर निर्णय लेने के लिए नेता मुख्यमंत्री, नेता प्रतिपक्ष और मुख्य न्यायाधीश की बैठक भी लखनऊ में बुलाई गई मगर मुख्य न्यायमूर्ति डॉ. डीवाई चंद्रचूड के बैठक में नहीं पहुंच पाने के कारण इसे टाल दिया गया है।

अब रवींद्र सिंह के स्वयं पीछे हट जाने के कारण कम से कम इस विवाद पर विराम लग गया है। लोकायुक्त पद के लिए नए नामों पर चर्चा होने की संभावना है। कहा यह भी जा रहा है इस बार सरकार किसी एक नाम का प्रस्ताव करने के बजाए तीन या चार नामों पर विचार करेगी ताकि किसी एक के नाम पर सहमति बन सके।
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