वीपी सिंह के खिलाफ लालबहादुर शास्त्री के बेटे थे मैदान में
कांग्रेस ने अमिताभ का टिकट काटकर वीपी के मुकाबले देश के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के पुत्र सुनील शास्त्री को उम्मीदवार घोषित किया। उस समय वीपी के समर्थन में नारा गूंज रहा था, राजा नहीं फकीर है, भारत का तकदीर है...। ऐसे में वीपी को हराने के लिए कांग्रेस को राम की शरण लेनी पड़ी।
सुनील शास्त्री के भाई पूर्व केंद्रीय मंत्री अनिल शास्त्री बताते हैं कि उन दिनों पार्टी ने रामायण सीरियल में राम का किरदार निभाने वाले अरुण गोविल को चुनाव प्रचार में उतारा। पीडी टंडन पार्क में सभा में अरुण गोविल शामिल हुए थे। तब उन्हें देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ी। अधिवक्ता नसीम कुरैशी बताते हैं कि उन दिनों कांग्रेस के प्रचार में उतरने से पहले टीवी अभिनेता अरुण गोविल को राजीव गांधी की मौजूदगी में कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कराई गई थी।
वीपी सिंह ने एक लाख से अधिक मतों से दर्ज की थी जीत
कांग्रेस ने रामायण में ''''भगवान राम'''' की भूमिका निभाने वाले अभिनेता अरुण गोविल को चुनाव प्रचार के लिए बुलाया। गोविल ने अपने को एक धर्मपरायण हिंदू के रूप में प्रस्तुत करते हुए चुनाव में भगवा वस्त्र भी धारण किया था। वह जिस तरह रामायण सीरियल में दिखते थे, उसी तरह कांग्रेस की चुनावी सभाओं में भी भगवा धारण कर पहुंचते थे। वह कांग्रेस की चुनावी सभाओं में जहां जाते थे, भीड़ उमड़ती थी। कुरैशी बताते हैं कि उन दिनों कांग्रेस के लिए प्रचार करते समय, टीवी अभिनेता गोविल ने कहा, भगवान का नाम लो और कांग्रेस को वोट दो।
इसके बाद भी भगवान राम के रूप में अरुण गोविल की लोकप्रियता भुनाने की कांग्रेस की कोशिशों पर पानी फिर गया । इस सीट पर उप चुनाव में वीपी सिंह को जीत मिली और सुनील शास्त्री हार गए। वीपी ने सुनील शास्त्री को 1.10 लाख से अधिक वोटों के अंतर से हराया था।
राम के कॉस्ट्यूम में पहुंचे गोविल को देखने के लिए पीडी टंडन पार्क को जाने वाले रास्ते हो गए थे जाम
पीडी टंडन पार्क में इस सभा का संयोजन करने वाले कांग्रेस नेता श्याम कृष्ण पांडेय बताते हैं कि तब अपार भीड़ उमड़ती थी। पीडी टंडन पार्क जाने वाले तीन तरफ से रास्ते जाम हो गए थे। अरुण गोविल राम के कॉस्ट्यूम में आए थे। उन्हें तब पार्टी की ओर से चुनाव के लिए भी ऑफर किया गया था। बाद में राज्यसभा भेजने का प्रस्ताव दिया, लेकिन उन्होंने स्वीकार नहीं किया था।