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प्रयागराजः पूरे शहर में छाया टिड्डियों का आतंक, छतों पर खड़े होकर लोग मचाते रहे शोर, पीटी गई थाली, फोड़े गए पटाखे, देखें तस्वीरें

Thu, 11 Jun 2020 09:27 PM IST
अमर उजाला लोकल ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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prayagraj news - फोटो : prayagraj
गंगापार पेड़ों, फसलों को बर्बाद करने के बाद बृहस्पतिवार की सुबह टिड्डियों के दल ने शहर पर हमला बोल दिया। सब्जियों, फलों और अन्य पेड़ों की डालियों और पत्तियों को टिड्डियां तहन-नहस करने लगीं। इससे शहर के कई इलाके में अफरा तफरी मच गई। इस दौरान कोई थाली और कनस्टर पीट रहा था तो कोई ढोल -नगाड़े के अलावा पटाखे बजाकर टिड्डियों को भगाने में लगा रहा।
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जगह-जगह लोग धुआं भी कर रहे थे। कृषि विभाग के दावे के मुताबिक दोपहर बाद यमुनापार से होकर बरगढ़ के रास्ते टिड्डियों को एमपी की सीमा में खदेड़ दिया गया। टिड्डियों के दल ने बृहस्पतिवार की सुबह सबसे पहले अल्लापुर में धावा बोला। लाखों की तादाद में टिड्डी दल आसमान में था गए। केले की पत्तियों को काटकर गिराने के साथ ही छतों पर टिड्डियों के मंडराने से लोग परेशान हो गए।
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prayagraj news - फोटो : prayagraj
इस दौरान ताली, थाली और ड्रम बजाकर लोग टिड्यिों को भगाने की मशक्कत करते रहे। कुछ ही देर में आंधी की तरह टिड्डियों का दल शहर के कई हिस्सों में छा गया। टिड्डियों के डर की वजह से लेगों ने खिड़कियां, दरवाजे बंद कर लिए। तमाम लोग पटाखे,ढोल और थालियां बजाकर टिड्यिों को खदेड़ते रहे। दिन के करीब 11 बजे टिड्डियों का दल साउथ मलाका, रामबाग के में आसमान में मंडराने लगा।

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पुराने शहर के चौक, बहादुरगंज मालवीय नगर, कोतवाली, अतरसुइया में घरों की छतों पर टिड्डियों का दल बैठा हुआ नजर आया। छतों के अलावा पेड़ों पर भी पर भी टिड्डी दल बैठे हुए दिखाई दिए। इससे लोगों को छतों पर गमलों में रखे हुए पौधों को बचाने की चिंता सताती रही। उद्यान अधिकारी प्रतिभा पांडेय के अनुसार टिड्डियों के आने की सूचना समय से मिलने की वजह से तैयारी कर ली गई थी।
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prayagraj news - फोटो : prayagraj
टिड्डियों के शहर में प्रवेश करने के साथ ही लोगों ने ताली,थाली और तेज आवाज में डीजे बजाना शुरू कर दिया था। इसके अलावा कालिंदीपुरम, राजरूपपुर, झलवा में लोगों ने थाली, ड्रम के साथ सब्जियों को बचाने के एि जमकर धुआं भी किया। मंगलवार को टिड्डियों के दल ने कोरांव, करछना, झूंसी इलाके में फसलों और पेड़-पौधों को काफी नुकसान पहुंचाया था।
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राहत की बात यह रही कि टिड्डी दल शहर में कहीं पर ठहरने नहीं पाए और ना ही किसी तरह का नुकसान ही हुआ। बहादुरगंज, असरसुइया में छतों पर कुछ देर टिड्डियों के बैठने की जानकारी मिलने पर लोगों की परेशानी बढ़ गई थी, लेकिन फिर इनके आगे निकलने के बाद राहत की सांस ली गई।
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टिड्डियों का दल शहर में कहीं भी नुकसान नहीं पहुंचा सका। आबादी वाले इलाकों में रसायनों का छिड़काव नहीं किया जा सकता था, इसलिए शोर मचाकर और वाद्ययंत्रों, पटाखों की मदद से टिड्डियों को खदेड़ा गया। फिलहाल टिड्डी दल को बरगढ़ के रास्ते एमपी की सीमा में खदेड़ दिया गया है। विनोद कुमार, उप निदेशक कृषि। 
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