फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

साहित्य चरित्र निर्माण व राष्ट्रीय एकता का आधार : एम गोविंद राजन

Sat, 12 Sep 2026 01:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
विज्ञापन
चित्र परिचय------- साहित्यिक संवर्धन संस्थान के कार्यक्रम को संबोधित करते एम गोविंद राजन ( संव
विज्ञापन
साहित्य संवर्धन संस्थान में आयोजित साहित्यिक गोष्ठी में डॉक्टर एम गोविंद राजन ने कहा कि साहित्य केवल कहानी या कविता नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण का संदेश भी देता है। उन्होंने बताया कि प्रादेशिक भाषाओं के आदान-प्रदान से राष्ट्रीय एकता की मजबूत दीवार बनेगी।
विज्ञापन

साहित्यकारों को अपनी रचनाओं से युवा पीढ़ी को मार्गदर्शन देना चाहिए। गोविंद राजन दशकों से देश की विभिन्न भाषाओं को जोड़ने का कार्य कर रहे हैं। गोस्वामी तुलसीदास की रामचरितमानस का तमिल में अनुवाद करने के कारण उन्हें ''तमिल का तुलसी'' भी कहा जाता है। संस्थान के अध्यक्ष विजय चितौरी ने अतिथियों का स्वागत किया। संत सत्यानंद त्यागी ने अध्यक्षता और लखन प्रतापगढ़ी ने संचालन किया।
विज्ञापन

मौके पर उदय भानु, डॉक्टर अमरनाथ सिंह, राजेंद्र शुक्ला, बेचन लाल विनोदी, शंकर लाल, राजेंद्र पारखी, राम मनोहर पाल और दीप नारायण आदि रहे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें