शहर के तीन वार्डों के मुख्य मार्ग पर एलईडी लाइटें नहीं जलने से अंधेरा छाया है। करोड़ों रुपये खर्च कर इसे लगवाया गया है। एक लाइट पर 12 हजार रुपये का भुगतान किया गया हैं। पार्षद कमलेश तिवारी ने नगर आयुक्त को पत्र लिखकर नाराजगी जताई है।
पार्षद कमलेश तिवारी सहित अन्य पार्षदों ने आरोप लगाया है कि फाफामऊ वार्ड नंबर 56, वार्ड नंबर 37 शांतिपुरम, वार्ड 39 मलाक हरहर में सड़क पर एलईडी लाइट नहीं जल रही है। उन्होंने सूचना के अधिकार के तहत नगर निगम से जब जानकारी मांगी तो यह जानकारी सामने आई।
अंधेरा होने के कारण हाल ही में मंसूराबाद निवासी अशोक कुमार के साथ छिनैती की घटना हो चुकी हैं। पार्षद ने आरोप लगाया है कि जिस फर्म की लाइटें लगी हैं, उसे लाभ पहुंचाने के लिए ऐसा किया गया हैं। उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं किया जाना आरोपों की पुष्टि करता है। उधर, नगर आयुक्त का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है। संबंधित से जानकारी मांगी गई है।
जांच में बंद मिली लाइटें
नगर निगम मार्ग प्रकाश विभाग के अधिशासी अभियंता आरके लाल ने अवर अभियंता अविनाश कुमार, राहुल शुक्ला व फील्ड इंस्पेक्टर संदीप यादव से लाइट नहीं जलने को लेकर स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने लिखा है कि जोन चार अल्लापुर, जोन आठ झूंसी में लाइटों के स्थापना एवं अनुरक्षण का कार्य किया जाता हैं। जांच में अल्लापुर और झूंसी में चुंगी से शास्त्री ब्रिज तक सभी लाइटें बंद पाई गई। सुपरवाइजर अशोक को फोन के माध्यम से कई बार अवगत कराया गया, लेकिन लाइटें नहीं जलीं।